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भाइयों समेत चार के खिलाफ दर्ज कराया मुकदमा

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फर्रुखाबाद। वैश्य एकता परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष की हत्या के मामले में भतीजे ने साड़ी कारोबारी दो भाइयों समेत चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। सीओ सिटी व कोतवाल ने बुधवार को प्रदेश उपाध्यक्ष के कमरे की तलाशी ली। यहां से खून पोंछने वाला कपड़ा बरामद किया है। तख्त व गद्दे पर खून के निशान मिले हैं। पुलिस ने मकान के ऊपरी हिस्से में रह रही भाभी व भतीजी से भी पूछताछ की।
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शहर कोतवाली के मोहल्ला नारायण दास वाली गली निवासी वैश्य एकता परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष सतीश गुप्ता(62) का शव मंगलवार रात घर के बाहर गली में पड़ा मिला था। भतीजे भाजयुमो के जिला मंत्री अंकित गुप्ता ने मोहल्ला सेनापति निवासी साड़ी कोरोबारी संदीप अग्रवाल, उनके भाई विवेक अग्रवाल व नारायण दास वाली गली निवासी लकी चावला व उनके भाई विक्की चावला के खिलाफ संपत्ति की रंजिश में ताऊ सतीश की हत्या करने का मुकदमा दर्ज कराया है। आरोप लगाया साड़ी कारोबारी भाइयों ने दो वर्ष पहले उन पर जानलेवा हमला किया था। इसका मुकदमा दर्ज कराया गया था। संदीप व विवेक से जान का खतरा बताकर उन्होंने कई बार पुलिस अधिकारियों को प्रार्थना पत्र दिए थे। कुछ दिन पहले मोहल्ले के ही रहने वाले लकी व विक्की से ट्रस्ट की जमीन को लेकर उनका विवाद हो गया था। मंगलवार को इन सभी लोगों ने उनकी हत्या कर दी।
भाभी व भतीजी से सीओ ने की पूछताछ
बुधवार को सीओ सिटी मन्नी लाल गौंड कोतवाल वेद प्रकाश पांडेय व पुलिस बल के साथ सतीश गुप्ता के घर पर पहुंचे। पुलिस ने उनके कमरे की सघन तलाशी ली। कमरे में तख्त व गद्दे पर खून के निशान मिले। पुलिस ने मंगलवार रात ही घर से जिस कपड़े से खून पोंछा गया उसे बरामद कर लिया था। सीओ सिटी ने मकान के ऊपरी हिस्से में रह रही भाई की पत्नी रजनी व भतीजी लक्ष्मी से पूछताछ की। उन लोगों ने बताया कि मंगलवार को वे अपने कमरे में ही थीं। उनको कुछ भी पता नहीं चला। पुलिस ने सतीश के कमरे से सामान गायब होने की आशंका जाहिर की है। सीओ सिटी बताया कि जांच की जा रही है। शीघ्र ही हत्याकांड का खुलासा होगा।
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दोपहर एक बजे परिवार के सदस्य से की थी बात
व्हाट्स एप पर आए कई मैसेज, भतीजे ने बताया था फोन का पासवर्ड
कई नंबर डिलीट किए गए, परिवार के लोगों के मोबाइल नंबर सर्विलांस पर
संवाद न्यूज एजेंसी
फर्रुखाबाद। सर्विलांस टीम को पुलिस ने मंगलवार रात ही सतीश का मोबाइल सुपुर्द कर दिया था। मोबाइल लॉक था। भतीजे अंकित ने पासवर्ड बताया तो लॉक खुल गया। सर्विलांस की टीम ने छानबीन की तो पता चला कि मंगलवार दोपहर एक बजे तक ही सतीश की परिवार के एक सदस्य से आवास विकास के एक डॉक्टर को दिखाने को लेकर दस मिनट तक बात हुई थी। उसके बाद कोई कॉल नहीं आई। व्हाट्स एप पर सुबह सतीश ने कई लोगों को गुडमार्निंग व राधे राधे के मैसेज आने पर जवाब भेजे थे। कुछ और मैसेज बाद में भी आए, लेकिन वह देखे नहीं गए थे। सर्विलांस टीम की मानें तो मोबाइल के कांटेक्ट से कई नंबर डिलीट किए गए। इनकमिंग नंबरों को भी डिलीट किया गया है। कॉल डिटेल निकाली जा रही है। वहीं परिवार के सभी लोगों के मोबाइल नंबर सर्विलांस पर लगाकर उनकी घटना के दौरान की मौजूदगी पता लगाई जाएगी।
सिर पर वजनदार वस्तु से प्रहार, नाक मुंह दबाकर ली गई जान
कंधे, चेहरे, गर्दन, हाथ व सिर पर मिले चोटों के एक दर्जन निशान
हत्या दो बजे से पांच बजे के मध्य होना बताई गई
फर्रुखाबाद। वैश्य एकता परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष के सिर पर वजनदार वस्तु से प्रहार के बाद नाक-मुंह दबाकर हत्या की गई। उनके कंधे, चेहरे, गर्दन, हाथ पर चोटों के एक दर्जन निशान मिले हैं। हत्या मंगलवार को दो बजे से पांच बजे के मध्य हुई। इन तथ्यों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुआ है।
पुलिस ने बुधवार को सतीश गुप्ता के शव को पोस्टमार्टम डॉ. सोमेश अग्निहोत्री ने किया। इसमें पाया कि उनकी हत्या मंगलवार दोपहर दो बजे से पांच बजे के बीच सिर पर वजनदार वस्तु से प्रहार करने के बाद नाक, मुंह दबाकर की गई है। उनके दोनों कंधों, गर्दन, चेहरे, दोनों हाथों व सिर पर एक दर्जन चोटों के निशान मिले हैं। रिपोर्ट के मुताबिक उनकी दिन में ही घर के अंदर हत्या करके हमलावरों ने शव पर लगे खून को पोंछा और अंधेरा होनेेेे का इंतजार किया गया। इसके बाद गली में आवागमन कम व अंधेरा होने पर शव को घर से निकालकर बाहर गली में रख दिया गया। घटना में तीन से चार लोग शामिल होने की आशंका जताई जा रही है। क्योंकि अकेला व्यक्ति उनको घसीटकर बाहर नहीं ला सकता था। गली के बाहर किसी हमलावर ने निगरानी भी की होगी।
मौत के पांच घंटे बाद अकड़ जाता है शरीर: वैज्ञानिक
फोरेंसिक टीम के वैज्ञानिक ओम प्रकाश ने मंगलवार रात घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया था। उन्होंने जब हाथ को पकड़कर शव उठाने का प्रयास किया तो शरीर अकड़ा हुआ था। उन्होंने बताया कि मौत के पांच घंटे बाद ही शरीर अकड़ता है। इसलिए हत्या दिन में दो बजे से पांच बजे के बीच हुुई है। घर के अंदर खून के निशान कई जगहों पर मिले थे। शव को गीले कपड़े से पोंछा गया था।
‘चार लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। लेकिन अभी उनके हत्याकांड में सम्मलित होने के कोई ठोस सबूत नहीं मिले हैं। कुछ लोगों से पूछताछ की जाएगी। जिन लोगों ने हत्या की है उनको ही जेल भेजा जाएगा। किसी निर्दोष को जेल नहीं भेजेंगे।’
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डॉ. अनिल मिश्र, पुलिस अधीक्षक फर्रुखाबाद
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