फर्रुखाबाद। आयकर रिटर्न जमा करने की अंतिम तारीख 15 सितंबर है। उधर, आयकर विभाग का सर्वर डाउन हो गया है। अंतिम समय में अधिक दबाव के चलते वेबसाइट धीमी हो गई है। इससे करदाताओं की परेशानी और बढ़ गई है।
कर अधिवक्ताओं के अनुसार करदाता अगर 15 सितंबर तक आयकर रिटर्न फाइल नहीं करते हैं, तो उन्हें लेट फीस और ब्याज भी देना पड़ेगा। इसके अलावा बड़ा नुकसान यह होगा कि व्यापारी अपने बिजनेस लॉस, कैपिटल लॉस या अन्य नुकसान को आगे के वर्षों में समायोजित नहीं कर पाएंगे।
आयकर नियमों के अनुसार पांच लाख से अधिक आय वालों पर पांच हजार और पांच लाख से कम आय वालों पर एक हजार रुपये लेट फीस लगेगी। इसी वजह से कारोबारी परेशान हैं। वेबसाइट पर अंतिम समय में फाइलिंग का अधिक लोड बढ़ गया है। इस कारण से वेबसाइट बार-बार हैंग हो रही है। यही वजह है कि रिटर्न जमा करने में दिक्कतें आ रही हैं।
एक माह और बढ़ानी चाहिए अंतिम तिथि
कर अधिवक्ता उत्कर्ष दीक्षित का कहना है कि आयकर का पोर्टल सही ढंग से काम नहीं कर रहा है। इस वजह से आकर रिटर्न जमा करने के कार्य में दिक्कतें आ रही हैं। पोर्टल की धीमी गति के चलते कई करदाता समय से आयकर रिटर्न जमा नहीं कर पाएंगे।
प्रतिवर्ष अंतिम समय में यह समस्या आती है। इससे बड़ी संख्या में करदाता प्रभावित होते हैं। वित्त मंत्रालय एवं आयकर विभाग को कम से कम एक महीना का समय और बढ़ाना चाहिए।