फर्रुखाबाद। स्वास्थ्य विभाग में टेली मेडिसिन सेवा के लिए खरीदे गए लैपटॉप जांच में फेल हो गए हैं। इससे 50 लाख से अधिक कीमत के लैपटॉप फर्म को लौटा दिए गए हैं। अब नई प्रक्रिया के तहत लैपटॉप की दोबारा खरीद की जाएगी।
हेल्थ वेलनेस सेंटर को टेली मेडिसिन सेवा से जोड़ने के लिए स्वास्थ्य विभाग में करीब 50 लाख रुपये से अधिक कीमत के 94 लैपटॉप व प्रिंटर मार्च में खरीदे गए थे। एनआईसी से जांच के बाद इन्हें सीएचओ को वितरित करना था। खेल के चलते यह लैपटॉप व प्रिंटर तीन माह तक स्टोर में डंप रहे और बिना जांच के ही एक जून को वितरण की तैयारी कर ली गई।
कुछ सीएचओ को लैपटॉप दे भी दिए, जो ऑन ही नहीं हुए थे। 31 मई को अमर उजाला ने इससे जुड़ी खबर प्रकाशित की। खेल की पोल खुलते ही स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया और लैपटॉप का सीएचओ को वितरण नहीं किया गया। तीन दिन पहले एनआईसी से लैपटॉप की जांच कराई कई तो लैपटॉप में खराबी निकली।
एसीएमओ बोले, नहीं हुआ था भुगतान
स्टोर प्रभारी एसीएमओ डॉ. सर्वेश यादव ने बताया कि लखनऊ की फर्म पायनियर इंटरप्राइजेज से लैपटॉप व प्रिंटर खरीदे गए थे। इसका अभी तक भुगतान नहीं हुआ था। जांच में लैपटॉप के नमूने फेल हो गए हैं। एक ही बिल होने से फर्म को सभी 94 लैपटॉप व प्रिंटर वापस कर दिए गए हैं। अब नए सिरे से टेंडर प्रक्रिया कराकर लैपटॉप व प्रिंटर की खरीद की जाएगी।