अब जिले में ही गोवंश सहित पांच जानवरों के मांस की जांच हो सकेगी। शासन ने फॉरेंसिक कार्यालय में बीफ लैब खोलने की अनुमति दी है। लैब से संबंधित उपकरण व अन्य सामान भी आवंटित कर दिया गया है। एक माह के अंदर लैब का संचालन यहां शुरू कर दिया जाएगा।
अभी तक कहीं कोई मांस बरामद होने पर जांच के लिए लखनऊ स्थित लैब में भेजा जाता था। वहां से रिपोर्ट आने में समय भी लगता था। इस दौरान लोग तमाम तरह की आशंकाएं जताते थे।
इसके चलते अब पुलिस लाइन के फॉरेंसिक कार्यालय में ही बीफ लैब खोल जाएगी। इससे आसानी से मांस का परीक्षण हो सकेगा और उसकी रिपोर्ट भी यहीं से दे दी जाएगी।
उस रिपोर्ट के अनुसार पुलिस अपनी कार्रवाई करेगी। जब जल्द रिपोर्ट मिलेगी तो पुलिस भी संबंधित मुकदमे में तेजी काम कर सकेगी। नमूने संकलित करने के लिए फ्रिज व अन्य सामान भी यहां शासन से भेज दिया गया है। उपकरण मेंलैपटॉप, केमिकल, काऊ किट आदि सामान मौजूद है।
बीफ लैब का संचालन फॉरेंसिक टीम के वैज्ञानिक व कर्मचारी करेंगे। इन लोगों को लखनऊ में प्रशिक्षण दिया जाएगा और डेमो भी कराया जाएगा। इसके बाद बीफ लैब का यही से संचालन होगा।
वैज्ञानिक ओमप्रकाश का कहना है कि बीफ लैब का सामान आवंटित हो गया है। सोमवार को एसपी को सामान दिखाया जाएगा। शीघ्र यहां पर बीफ लैब खुल जाएगी। इससे आसानी से गोवंश व अन्य जानवरों के मांस का यहां पर परीक्षण किया जाएगा। इसकी रिपोर्ट भी यहीं तैयार कर दी जाएगी।
फॉरेंसिक कार्यालय में खुलने वाली बीफ लैब में गोवंश, भैंस, बकरी, ऊंट, समेत पांच जानवरों के मांस का परीक्षण किया जाएगा। सबसे पहले मांस का एंटीसिरम लिया जाएगा। मौके से मांस का नमूना लेकर उसे सुरक्षित किया जाएगा। बाद में केमिकल डालकर उस मांस का परीक्षण किया जाएगा और उसकी रिपोर्ट संबंधित थानेदार को दी जाएगी।