फर्रुखाबाद। आवास विकास कालोनी स्थित भाजपा कार्यालय में गुरुवार को कृषि कानूनों को लेकर चल रहे आंदोलन पर विधायक सुशील शाक्य ने प्रेसवार्ता की। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार किसानों के हित के लिए कृषि सुधार कानून लाई है। इसके विरोध की आड़ में खालिस्तानी कानून व्यवस्था बिगाड़ रहे हैं।
पत्रकारों से चर्चा में विधायक सुशील शाक्य ने कहा कि केंद्र सरकार किसानों के कल्याण और भलाई के लिए कृषि सुधार कानून लाई है। केंद्र की मोदी सरकार लोकतांत्रिक अधिकारों की सुरक्षा के लिए कटिबद्ध है। उम्मीद है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्णय आंदोलनरत किसान भी स्वीकार करेंगे। आंदोलन के पहले दिन से केंद्र सरकार वार्ता से समाधान व उचित संशोधन पर अमल करने के लिए तैयार है। आंदोलन के बहाने खालिस्तानी समर्थकों, अन्य राजनीतिक दल व छोटे-छोटे गैंग किसानों को भ्रमित कर देश की कानून व्यवस्था को बिगाड़ रहे हैं। विधायक ने कहा कि किसान संगठन हाईवे छोड़कर अन्य जगहों पर आंदोलन कर सकते हैं, यह उनका अधिकार है। हिंसा, पथराव व अराजकता की स्थिति नहीं होनी चाहिए। विपक्षियों के पास अब कोई मुद्दा नहीं बचा है। इससे किसान आंदोलन के बहाने कानून व्यवस्था बिगाड़ने का प्रयास कर रहे हैं। विधायक ने कहा कि जनप्रतिधि का घेराव करने में भी विपक्षियों का हाथ है। इस मामले को वह जिलाधिकारी के सामने रखेंगे। जिलाध्यक्ष रूपेश गुप्ता, किसान मोर्चा प्रदेश कार्यालय मंत्री कुलदीप दुबे, जिला महामंत्री हिमांशु गुप्ता, डीएस राठौर, मयंक सिंह बुंदेला और मीडिया प्रभारी शिवांग रस्तोगी भी वार्ता में मौजूद रहे।