पहला उपकेंद्र पर लगा ट्रांसफामर्र। संवाद
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फर्रुखाबाद। विद्युत उपकेंद्रों पर लोड कम करने और उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली देने के लिए जिले में तीन नए उपकेंद्रों को बनाने की मंजूरी मिल गई है। दो उपकेंद्र शहर में और एक कमालगंज क्षेत्र में बनेगा। तीनों उपकेंद्रों पर करीब 18 करोड़ की लागत आने का अनुमान है। इन उपकेंद्रों के बनने से करीब दो लाख लोगों को लाभ मिलेगा। विभाग ने जमीन की तलाश शुरू कर दी है।
शहर व गांवों में बिजली उपभोक्ताओं की संख्या तेजी से बढ़ी है। इससे उपकेंद्रों पर लगे ट्रांसफार्मर ओवरलोड हो रहे हैं। उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली नहीं मिल पा रही है। व्यवस्थाएं बेहतर करने के लिए रीवैम्प्ड ड्रिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्क्रीम के तहत जिले में कई काम कराने के लिए प्रस्ताव बनाकर भेजे गए थे। इसमें नए विद्युत उपकेंद्र का निर्माण कराना भी शामिल था।
जिले में तीन नए विद्युत उपकेंद्रों का निर्माण कराने की स्वीकृति शासन से मिल गई है। इसमें फतेहगढ़ स्थित केंद्रीय कारागार के पास, जसमई बाईपास व ग्रामीण क्षेत्र में कमालगंज के श्रृंगीरामपुर में उपकेंद्र का निर्माण शामिल है।
इसके लिए भूमि उपलब्ध कराने के लिए अधिशासी अभियंता शहरी और ग्रामीण की ओर से अपर जिलाधिकारी को पत्र लिखा गया है। एक्सईएन शहरी आरबी यादव ने बताया कि उपकेंद्रों के निर्माण के लिए जमीन का चयन जितनी जल्दी हो जाएगा, उतनी जल्दी शासन से बजट मिलने की उम्मीद है।
पहला गांव में बन रहे उपकेंद्र का काम पूरा, जल्द होगा चालू
फर्रुखाबाद। पहला गांव में 2014 में स्वीकृत हुआ विद्युत उपकेंद्र आठ साल बाद बनकर तैयार हो गया है। उपकेंद्र पर लगे ट्रांसफार्मर और बनाई गई विद्युत लाइनों की टेस्टिंग हो गई है। अब जल्द इसको चालू कर कमालगंज विद्युत उपकेंद्र के 35 गांवों को जोड़ा जाएगा। नए विद्युत उपकेंद्र के चालू होने से 90 हजार लोगों को बिजली संकट से राहत मिलेगी।