ढाईघाट पर लगे माघ मेला में अव्यवस्थाएं हावी हैं। न तो शौचालयों की
व्यवस्था है और न ही प्रकाश की। केरोसिन का वितरण भी नहीं किया गया है।
जिलाधिकारी के आदेश के बावजूद व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं की जा रही हैं। इसको
लेकर साधु-संतों में रोष है।
ढाईघाट के माघ मेला में एक माह तक
साधु-संत और कल्पवासी गंगा स्नान कर प्रभु का भजन करने के लिए झोपड़ियां
डालकर रह रहे हैं। मेला क्षेत्र में कल्पवासियों की सुविधाओं का कोई ख्याल
नहीं रखा गया है। बीते दिनों आए जिलाधिकारी से संतों ने अव्यवस्थाओं की
शिकायत की थी। बावजूद इसके हालात जस के तस हैं।
इससे संतों में रोष है।
बाबा विजय गिरि, महेश गिरि, बाबा रामदास, बाबा सहदेव, बाबा विश्वात्मानंद
और बाबा पग्घड़दास ने कहा कि जिलाधिकारी के आदेश के बावजूद शाम को मात्र एक
घंटे ही मेला क्षेत्र में लाइट आती है। इसमें भी पश्चिम दिशा की ओर प्रकाश
की कोई व्यवस्था नहीं की गई है।
इसके चलते दिक्कत होती है। स्नानघर और
शौचालयों की भी व्यवस्था नहीं है। लोग खुले में शौच को मजबूर हैं। स्वामी
सर्वेदानंद स्वामी ने कहा कि रास्ते भी ठीक नहीं करवाए गए हैं। केरोसिन का
वितरण भी नहीं करवाया जा रहा है। सिर्फ राशनकार्ड ही बनाए जा रहे हैं।
जिलाधिकारी से मांग की है कि मेले की व्यवस्थ दुरुस्त करवाई जाए।