अमृतपुर। विद्यालय भवन को बिना किसी आदेश के गिराने और उसका मलबा गायब करने की जांच दो साल में शुरू नहीं हो सकी है। जांच कमेटी के एक अधिकारी का तबादला तक हो गया है। अफसरों ने प्रधान को बचाने के लिए जांच ही नहीं की।
विकास खंड राजेपुर के गांव गांधी के प्राथमिक विद्यालय प्रथम के पुराने भवन को न तो कंडम घोषित किया गया था और न नीलामी कराई गई थी। बिना किसी अधिकारी के आदेश से विद्यालय भवन को कायाकल्प के नाम पर वर्ष 2020 में गिरवा दिया गया था। मलबा को पूर्व प्रधान रीना गिहार उठवा लिया था। इसकी शिकायत ग्रामीणों ने डीएम से की। डीएम ने पीडी मनरेगा व बीएसए को संयुक्त जांच करने का आदेश दिया था।
करीब दो साल गुजर गए, अभी तक जांच शुरू तक नहीं हुई। जांच कमेटी के एक अधिकारी पीडी मनरेगा राजमणि वर्मा का जिले से तबादला हो चुका है, बीएसए ने अपने विभाग का मामला होने के बावजूद खुद जांच करने नहीं गए। इस मामले को रफादफा करने में अधिकारी लगे हुए हैं। इससे मलबा की नीलामी से मिलने वाला राजस्व का नुकसान भी विभाग को हुआ है।
पूर्व प्रधान रीना गिहार ने बताया कि जो मलबा उठाया था, वह कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में लगवा दिया था। तत्कालीन सीडीओ के मौखिक निर्देश पर विद्यालय भवन गिरवाया था। बीएसए लालजी यादव ने बताया कि वह अभी बाहर हैं, लौटने के बाद जांच करा कर कार्रवाई की जाएगी।