फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जल्द अमीर होने के चक्कर फंस गया यासीन

विज्ञापन
विज्ञापन
फर्रुखाबाद। फतेहपुर में धर्मांतरण के मामले में पकड़ा गया यासीन जल्द अमीर होने के चक्कर में फंस गया। दो भाई दिल्ली में प्राइवेट नौकरी करते हैं। घर में मां और छोटी बहन रहती है। पिता की मौत हो चुकी है। कई महीने से उसका मकान बन रहा है।
विज्ञापन

धर्मांतरण के धंधे में लिप्त मऊदरवाजा क्षेत्र के मोहल्ला बहादुरगंज निवासी यासीन हाफिज है। वह तीन भाइयों में बड़ा है। छोटे भाई रहमान और मोहसिन दिल्ली में प्राइवेट नौकरी करते हैं। पिता मोहम्मद शफीक की 10 माह पूर्व मौत हो गई थी। वह जरदोजी का काम करके परिवार पालते थे। घर में मां वारिस बानो और बहन उज्जमा रहती हैं। यासीन पढ़ा-लिखा होने की वजह से मोहल्ले के बच्चों को पढ़ाया करता था।
कई साल पहले घर से चला गया। मोहल्ले वालों को मुरादाबाद में रहने की जानकारी थी, मगर वह फतेहपुर में रह रहा था। माना जा रहा है कि हाफिज की शिक्षा लेने के बाद वह मदरसों के संपर्क में आया और वहीं से धर्म परिवर्तन के कारोबार में फंस गया।
विज्ञापन

उसे भी लगा कि इसमें जल्द मोटी कमाई करके परिवार की आर्थिक स्थिति सुधार लेगा, मगर पुलिस के हत्थे चढ़ गया। यासीन की चाची जरीना बानो ने बताया कि उन्हें प्रधानमंत्री आवास मिला है। यासीन अपना मकान बनवा रहा है। अभी काम चल रहा है। जेठानी वारिस बानो कानपुर गई हैं।
जानकारी हुई तो मोहल्ले के लोग रह गए दंग
बहादुरगंज की जिस गली में यासीन रहता है, वहां मिली-जुली आबादी है। पड़ोस के ही रविदास ने बताया कि वह यहां कई सालों से रह रहे हैं। यासीन और उसका पूरा परिवार सीधा है। कभी किसी से गलत शब्द का प्रयोग नहीं किया।
मगर, इतना गलत कदम कैसे उठा लिया, समझ नहीं आ रहा। उसकी हरकत सुनकर वह खुद दंग हैं। यदि ऐसा किया है, तो गलत है। पड़ोस के ही मगनून खां ने बताया कि यासीन प्रतिभाशाली और सीधा लड़का है। उनके बेटे को पढ़ाता रहा। अब कैसे गलत काम में फंस गया, समझ नहीं आ रहा।
चाय का होटल चलाते हैं मोहसिन के पिता
फर्रुखाबाद। फतेहपुर में धर्मपरिवर्तन कराने के मामले में पकड़े गए दूसरे युवक मोहसिन के पिता मुजम्मिल चाय का होटल चलाते हैं। मोहसिन करीब चार साल से फतेहपुर में था और परिवार को एक फैक्टरी में नौकरी करने की बात बताई थी। वह त्योहारों पर घर आता रहा है। ईद के बाद ही यहां से गया था। घर में दो भाई मोईन और शानू जरदोजी का काम करते हैं।
नाम न छापने की शर्त पर पड़ोसियों ने बताया कि प्राइवेट नौकरी करने के बाद भी मोहसिन का रहन-सहन और शौक शानदार है। जब धर्म परिवर्तन के कारोबार में फंसने की जानकारी हुई, तब पता चला कि वह गलत कामों से रुपये कमाता है। फिलहाल उसका पूरा परिवार फतेहपुर के लिए रवाना हो गया है। आसपास के लोग अधिक कुछ बताने से कतरा रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें