फर्रुखाबाद। नगर पालिका परिषद हर साल नए हैंडपंप तो लगवा रही है, लेकिन रीबोर की लाइन में लगे 270 हैंडपंपों को भूल गई है। आलम यह है कि इन हैंडपंपों की फाइल तक नहीं बनाई गई। बताया जाता है कि इनमें अधिकांश हैंडपंप पूर्व पालिकाध्यक्ष के समय में लगाए गए थे।
तमाम हैंडपंप ऐसे हैं जो पानी देना बंद कर दिए तो पालिका के कर्मचारियों और सभासदों ने उनके हत्थे, पाइप और सरिया निकालकर रख लीं। ऐसे में पेयजल आपूर्ति के लिए मोहल्लों में पड़ी पाइप लाइन खराब होने पर लोगों को हैंडपंप का भी सहारा नहीं मिल पाता। पानी के अभाव में शहर की जनता परेशान होती है।
नगर पालिका क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति के लिए पाइप लाइन पड़ी है, लेकिन अभी भी तमाम ऐसे स्थान हैं, जहां पाइप लाइन नहीं है। लिहाजा वहां के बाशिंदे हैंडपंप पर ही आश्रित हैं। पालिका के रिकार्ड में शहर में करीब 4000 हैंडपंप लगे हैं। इनमें से 270 हैंडपंप कई साल से रीबोर की सूची में शामिल हैं। बावजूद इसके दूसरे हैंडपंप लगवाने के लिए अभी तक विभागीय फाइल तक तैयार नहीं कराई गई।
बताया जाता है कि इनमें अधिकांश हैंडपंप पूर्व पालिकाध्यक्ष के कार्यकाल में लगवाए गए थे। लिहाजा उन हैंडपंपों को नजरअंदाज किया जा रहा है। इतना ही नहीं अपनोें को खुश करने के लिए पालिका ने वर्ष 2020 में 100 नए हैंडपंप लगवाए थे। 2021 में भी 100 हैंडपंप खरीदे गए, इनमें से 90 से अधिक लगा भी दिए गए। अब चुनाव की अधिसूचना के बाद काम रोक दिया गया है।
जिन मोहल्लों में पाइप लाइन से पेयजल आपूर्ति हो रही है। वहां हैंडपंप खराब पड़े है। पालिका इनके रीबोर पर कोई ध्यान नहीं दे रही है। पाइप लाइन खराब होने पर मोहल्ले के लोगों को पानी के लिए हैंडपंप का भी सहारा नहीं मिल पाता है। इस कारण जनता के सामने पानी का संकट पैदा हो जाता है।
नखास चटाई वाली गली स्थित शिव मंदिर के सामने लगा हैंडपंप करीब पांच साल से खराब है। पास रहने वाली सुदामा ने बताया कि इसका सामान भी निकाल लिया गया। पांच माह पहले यहां आईं पालिकाध्यक्ष को दिखाया गया। उन्होंने रीबोर का भरोसा दिया, मगर कोई सुनवाई नहीं हुई।
बजरिया शेख इनायत अली में लगे हैंडपंप ने छह माह पहले पानी देना बंद कर दिया था। पड़ोस के ही सदीम खां ने बताया कि तीन माह पहले हैंडपंप के पाइप समेत पूरा सामान पालिका के कर्मचारी निकाल ले गए। मगर इसे सही कराने की जरूरत नहीं समझी। मोहल्ले के लोग परेशान हैं।
वर्जन...
रीबोर के लिए जल निगम को पत्र लिखा था। मगर उन्होंने बजट न होने की बात कह दी। अब सौ हैंडपंप पंद्रहवें वित्त आयोग से फिर लगवाने का प्रस्ताव बना लिया गया है। नए हैंडपंप से पेयजल समस्या खत्म करेंगे। -रविंद्र कुमार, ईओ, नगर पालिका।
नखास स्थित चटाई वाली गली में पांच साल से खराब पड़ा हैंडपंप। संवाद- फोटो : FARRUKHABAD
सदीम अली। संवाद- फोटो : FARRUKHABAD
सुदामा। संवाद- फोटो : FARRUKHABAD