फर्रुखाबाद। रोडवेज बस अड्डा स्थित कैंटीन संचालक के भाई को एक दरोगा ने आधीरात को कार में बैठा कर पीटा। गाली-गलौज कर मुकदमे में फंसाने की धमकी दी। पीड़ित ने एसपी दफ्तर पहुंचकर शिकायत की। इसमें दुकान बिक्री के 10 हजार रुपये निकालने और पांच हजार रुपये हर माह मांगने का आरोप लगाया। हालांकि दरोगा ने आरोपों को निराधार बताया है।
जिला फिरोजाबाद के शिकोहाबाद के मुस्तफाबाद रोड रहचटी निवासी रानू शर्मा परिवहन निगम से किराये पर लेकर कैंटीन चला रहे हैं। गुरुवार रात उनके बड़े भाई अभिषेक शर्मा दुकान पर सो रहे थे, जबकि कर्मचारी काम कर रहे थे। रात करीब दो बजे हल्का दरोगा अनिल सिकरवार पहुंचे। उन्होंने कर्मचारी सोनू अग्निहोत्री को बुलाकर नाम पूछा। अभिषेक को कार के पास भेजने की बात कही।
अभिषेक कार के पास पहुंचा। दरोगा ने कहा कि सिपाही रिंकू से पांच हजार रुपये प्रतिमाह देने को कहा था, मगर तेरे भाई ने मना कर दिया। अभिषेक ने कहा कि वह हर माह निगम को 30 हजार रुपये देता है। आरोप है कि इस पर दरोगा ने गालियां देकर अभिषेक को कार में बैठाकर थप्पड़ मारे। इसी दौरान घटना की सूचना इंस्पेक्टर अवध नारायण पांडेय को फोन पर दी गई। इंस्पेक्टर के फोन करने पर गुस्साए दरोगा ने कार से उतारने से पहले जेब में दुकानदारी के रखे 10 हजार रुपये निकाल लिए। गाल पर थप्पड़ मारकर उतार दिया।
पीड़ित ने आरोप लगाया कि दरोगा ने संगीन धाराओं में जेल भेजने की धमकी दी। पीड़ित ने जांच कर मुकदमा दर्ज कराने की मांग की। दरोगा अनिल सिकरवार ने आरोप निराधार बताए। कहा कि पीडब्ल्यूडी से एक नोटिस आया था। उसे रिसीव कराने के लिए वह कई दिन से कह रहे थे, मगर नहीं किया। यही बात कहने वह रात में गया था। मारपीट और रुपये लेने की बात गलत है। इंस्पेक्टर अवध नारायण पांडेय ने बताया कि मामला संज्ञान में आया था, तुरंत ही फोन करके उसे छोड़ने को कहा था। वह मामला दिखवाएंगे।