गंगा नदी में गिर रहे भैरवघाट व टोकाघाट नाला को बंद कराए जाने के लिए अफसरों ने भैरवघाट नाला का जायजा लिया।
फर्रुखाबाद शहर के नाले-नालियों का गंदा पानी टोकाघाट और भैरवघाट नाला से होकर गंगा नदी में जाता है। कुंभ मेला को देखते हुए करीब तीन-चार दिन पहले जिला प्रशासन ने टोकाघाट नाला बंद करा दिया था लेकिन भैरवघाट नाला बंद कराना मुनासिब नहीं समझा था। रविवार को टोकाघाट नाला खोल दिया गया था। इससे टोकाघाट नाला का पानी भैरवघाट नाला से होकर गंगा नदी में गिरने लगा।
अमर उजाला ने सात जनवरी के अंक में इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। जिला प्रशासन ने खबर को गंभीरता से लिया। मंगलवार को सिटी मजिस्ट्रेट रामअक्षयवर चौहान, तहसीलदार सदर प्रदीप सिंह और सिंचाई विभाग के एक्सईएन ने भैरवघाट नाला का जायजा लिया। अफसरों ने भैरवघाट स्थित हनुमान गढ़ी के पीछे बने कुंडा में भैरवघाट नाला को डायवर्ट करने पर विचार-विमर्श किया है। हालांकि अभी इस संबंध में कोई ठोस निर्णय न लिया गया।
तहसीलदार सदर प्रदीप सिंह ने बताया कि भैरवघाट नाले का जायजा लिया गया है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम और एक्सईएन सिंचाई विभाग के अफसरों से विचार-विमर्श करने के बाद अग्रिम निर्णय लिया जाएगा। जरूरत पड़ी तो नाले पर पानी को शुद्ध किए जाने वाला यंत्र भी लगाया जा सकता है।