नौ दिन पहले फायरिंग के आरोप में पकड़े गए युवक को एसओ ने 80 हजार रुपये लेकर छोड़ा था। यह आरोप लगाकर युवक ने एडीजी से शिकायत की है। उसने दरोगा के रुपये मांगने का ऑडियो भी एडीजी को सुनाया।
इस पर एडीजी ने घटना में शामिल सिपाही, दरोगा, एसओ के खिलाफ एएसपी को जांच के आदेश दिए। साथ ही रिपोर्ट दर्ज करने का आदेश दिया है।
कंपिल थाना क्षेत्र के गांव भैंसरी निवासी कौशल कुमार मिश्रा का आठ अक्तूबर को मणि मंदिर में रह रहे बाबा सुरेश पुरी से विवाद हो गया था। बाबा उसकी बाइक की चाबी जबरन निकाल रहा था।
इस दौरान हुई कहासुनी में फायरिंग हो गई थी। मौके पर पहुंची पुलिस ने लोगों को खदेड़ दिया था। इसमें गांव के ही मुलायम सिंह राठौर घायल हो गए थे। पुलिस ने इस प्रकरण में कौशल कुमार मिश्रा को पकड़ लिया था। कई घंटे बाद रात में उसे छोड़ा था।
इस प्रकरण में गुरुवार को कौशल कुमार मिश्रा, भाजपा नेता प्रभात अवस्थी के साथ एडीजी प्रेम प्रकाश से मिलने पहुंचा। वहां उसने शिकायत की कि फायरिंग के आरोप में उसे पकड़ने के बाद 80 हजार रुपये लेकर एसओ ने उसे छोड़ा था।
एसओ ने एक हजार रुपये दीवान को भी दिलवाए थे। उसने एडीजी को थाने के दरोगा अशोक पांडेय के रुपये मांगने का ऑडियो सुनाया। बताया कि रुपये एसओ जेएल सोनकर को दिए थे।
एडीजी ने एसओ को तलब किया और पूरे प्रकरण की जानकारी ली। इस पर एसओ ने बताया कि फायरिंग के आरोप में युवक को पकड़ा था और गांव का मुलायम गोली लगने से घायल हो गया था, लेकिन किसी पक्ष ने तहरीर नहीं दी ऐसे में अधिकारियों के आदेश पर युवक को छोड़ दिया था।
इतना सुनते ही एडीजी खफा हो गए और फायरिंग के आरोप में युवक को छोड़ने पर एसओ की फटकार लगाई। पूरे प्रकरण में भ्रष्टाचार की बात को सही माना और इस संबंध में एएसपी त्रिभुवन सिंह को जांच कर आख्या देने के आदेश दिए।