जीजीआईसी फतेहगढ़ में चित्रकला प्रतियोगिता में बनाई गई पेंटिग को देखती प्रधानाचार्य मीना यादव।
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आधुनिक होते समाज में स्वदेशी का मूल्य और अधिक बढ़ गया है। यह भाव देश की भावी पीढ़ी के मन में भी गहरे से बैठ जाए। इसी उद्देश्य से अमर उजाला और उत्तर प्रदेश खादी ग्रामोद्योग के संयुक्त तत्वावधान में शुक्रवार को स्वदेशी चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। राजकीय बालिका इंटर कालेज फतेहगढ़ में आठवीं से 12वीं कक्षा की छात्राओं ने पूरी आत्मीयता से चित्र बनाकर रंग भरे तो कला की साधना में स्वदेशी मूल्य खिल उठे। 11वीं की छात्रा काजल प्रथम रहीं।
राष्ट्रपति पुरस्कृत प्रधानाचार्य मीना यादव के निर्देशन में शुक्रवार को राजकीय बालिका इंटर कालेज फतेहगढ़ में स्वदेशी शीर्षक पर चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। अमर उजाला और उत्तर प्रदेश खादी ग्रामोद्योग की ओर से दी गई ड्राइंग शीट पर छात्राओं ने अपने मनोभावों को स्वदेशी में सराबोर किया तो लोककला की चमक बिखर पड़ी।
लगभग डेढ़ घंटे तक प्रतिभागी पूरी तन्मयता व उत्साह के साथ जुटे । किसी ने ड्रैगन पर प्रहार कर चाइनीज से देशी सामान की श्रेष्ठता दर्शाई तो किसी ने मेक इन इंडिया का भाव उकेरा। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के जीवन से जुड़े प्रसंग भी कागज पर उतरे।
प्रथम स्थान हासिल करने वाली कक्षा 11बी की छात्रा काजल ने ग्रामीण कुटीर उद्योग, स्वच्छता ही सेवा है, स्वदेशी से ही भारत का होगा झंडा ऊंचा के भाव चित्रित किए। दूसरा स्थान इसी कक्षा की अंकिता मिश्रा ने पाया। उन्होंने चरखे से काते जा रहे सूत के साथ खादी का महत्व दर्शाया। कड़ी प्रतिस्पर्धा के चलते कक्षा 10 की आकांक्षा व 11वीं की सिमरन शर्मा को संयुक्त रूप से तृतीय स्थान मिला।
सिमरन ने भारत माता के चित्र के साथ भारतीय ग्रामीण कला को प्रदर्शित किया। वहीं आकांक्षा ने स्वदेशी की मूल भावना हिंदू-मुस्लिम सिख-ईसाई, आपस में सब भाई-भाई को समर्पित सभी धर्मों के लोगों के गले मिलने का चित्र उकेरा। चरखा कातते गांधी जी, सड़क पर सफाई करते ग्रामीण, चाक चलाते कुम्हार के चित्र भी आकर्षक रहे। निर्णायक की भूमिका प्रधानाचार्य मीना यादव, आदेश गंगवार व ज्योति ने निभाई।