फर्रुखाबाद। कड़ाके की सर्दी में खांसी, बुखार, खसरे और जकड़न से पीड़ित तमाम मरीज इन दिनों लोहिया अस्पताल आ रहे हैं। इस जिला अस्पताल की हालत यह है कि यहां मरीज ठीक होने के बजाए और बीमार हो जा रहे हैं। इन दिनों शीत लहर चल रही है। वार्डों में शीत लहर को रोकने के लिए कोई इंतजाम नहीं है।
वार्डों में लगी पुरानी खिड़कियां जाम हो गई हैं। उनमें लगे शीशे भी टूट गए हैं। किसी तरह लोग कपड़ा बांध कर हवा रोक रहे हैं। सीधे हवा लगने से मरीजों के साथ तीमारदार भी बीमार हो जा रहे हैं। अस्पताल से मिले कंबलों से भी काम नहीं चल रहा है। तीमारदार घरों से कंबल व रजाई लेकर पहुंच रहे हैं।
लोहिया अस्पताल के आपातकालीन महिला वार्ड संख्या छह की खिड़कियां जाम हैं। इससे रात को ठंडी हवा से मरीजाें को ठिठुरना पड़ता है। यहां भर्ती मोहिनी पत्नी अनीस निवासी सोताबहादुरपुर, रतना देवी पत्नी शिवकुमार निवासी कमालपुर कोतवाली मोहम्मदाबाद ने बताया कि खुली खिड़की से सर्द हवाएं वार्ड में आती हैं।
सर्दी से रात में सोना मुश्किल हो जाता है। अस्पताल से मिलने वाले कंबलों से सर्दी नहीं बचती है। अपने घरों से रजाई और कंबल लेकर आए हैं। इसी के सामने स्थित वार्ड संख्या पांच में भर्ती मरीज उजेंद्र सिंह निवासी पिपरगांव मोहम्मदाबाद ने बताया कि वह कई दिनों से यहां भर्ती हैं। खुली खिड़कियाें से आती सर्दी बेहाल क र देती है। दूसरी मंजिल के वार्ड संख्या एक में भर्ती मरीज कप्तान सिंह निवासी अखई नगला मोहम्मदाबाद ने बताया कि उनके वार्ड में दो खिड़कियां खुली रहती हैं।
सर्दी से बचने के लिए बिस्तर मंगवाना पड़ा। अस्पताल के बाकी वार्डों की भी यही हालत है। महिला अस्पताल के जनरल वार्ड संख्या दो में भर्ती प्रसूता अर्पणा पत्नी विवेक शर्मा निवासी न्यू इंद्रा कालोनी भोलेपुर ने बताया कि उसे कंबल मिला था। इसे गंदा होने के कारण उसे वापस कर दिया।
परिवार के लोग घर से कंबल और रजाई लेकर आए हैं। इसी वार्ड में प्रसूता सरिता देवी पत्नी पंकज कटियार निवासी कुटरा फतेहगढ़ ने बताया कि इस वार्ड की खिड़कियां बंद नहीं होती हैं। सर्दी से बचने के लिए वार्डाें में लगे चादर से इन्हें बंद करना पड़ा।