फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Farrukhabad News: तीन माह में एक शव ले गया शव वाहन, ढोई जा रहीं दवाइयां

Mon, 27 Oct 2025 11:58 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
विज्ञापन
फोटो-21 सीएमओ कार्यालय परिसर में खड़ा शव वाहन। संवाद
विज्ञापन
फर्रुखाबाद। पोस्टमार्टम हाउस में शव ले जाने में लगाए गए सरकारी शव वाहन काम नहीं आ रहे हैं। तीन माह में मात्र एक शव ही इन वाहनों से ले जाया गया है। इनकी पुरानी लॉग बुक गायब हो गई है।
विज्ञापन

ऐसे में असहाय लोग निजी वाहन से शव ले जाने को मजबूर हैं। एक नया शव वाहन सीएमओ कार्यालय परिसर में ही खड़ा रहता है। जबकि दूसरे शव वाहन से दवाएं ढोई जा रही हैं। वहीं लोहिया अस्पताल का शव वाहन प्रतिमाह औसतन 25 से 30 शव ले जा रहा है।

दुर्घटना हो या संदिग्ध परिस्थितियों में मौत, अक्सर ऐसे शवों का पोस्टमार्टम कराया जाता है। इसमें गरीबों व असहाय की सुविधा के लिए शासन से स्वास्थ्य विभाग को दो शव वाहन दिए गए हैं, लेकिन इन शव वाहनों का उपयोग गरीबों के लिए नहीं किया जा रहा है। इनमें एक शव वाहन को लॉजिस्टिक वाहन बनाकर उससे दवाई ढोने का काम लिया जा रहा है। वहीं दूसरा शव वाहन पोस्टमार्टम हाउस में लगाया गया। इसकी भी गरीबों तक सेवा नहीं पहुंच पा रही है।
विज्ञापन

विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जनवरी से अब तक 763 शवों का पोस्टमार्टम किया गया। है। फिलहाल शव वाहन से 21 जुलाई के बाद एक भी शव नहीं ले जाया गया। जबकि 257 शवों के पोस्टमार्टम हो चुके हैं।
इससे पहले कितने शव पहुंचाए गए यह कोई नहीं बता पा रहा है। बताया गया कि 13 मई को शव वाहन की लॉगबुक चोरी हो गई थी। इसके बाद नई लॉगबुक बनाई गई। इसमें भी अब तक मात्र एक शव ले जाने का जिक्र किया गया।

पोस्टमार्टम हाउस में लगे शव वाहन की मांग
लाेहिया अस्पताल के शव वाहन चालक सोनू ने बताया कि जनवरी में 27, फरवरी में 32, मार्च में 35, अप्रैल में 34, मई में 39, जून में 25, जुलाई में 26, अगस्त में 22, सितंबर में 25 व अक्तूबर में अब तक 23 शव ले जाए गए। चालक ने यह भी बताया कि शव वाहन काफी पुराना होने से सीएमओ को पत्र भेजकर पोस्टमार्टम हाउस में लगे शव वाहन की मांग की गई है।

कोई भी गरीब, असहाय व्यक्ति पोस्टमार्टम हाउस से शव ले जाने के लिए शव वाहन की निशुल्क सेवा ले सकता है। अक्सर परिजन शव वाहन की सेवा नहीं मांगते और निजी वाहन से शव लेकर चले जाते हैं। पोस्टमार्टम हाउस के बाहर ही शव वाहन खड़ा करा दिया जाएगा।
विज्ञापन

-डॉ. रंजन गौतम, एसीएमओ
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें