फर्रुखाबाद। बदलते मौसम में बुखार के मरीज तेजी से बढ़ रहे। सोमवार को लोहिया अस्पताल पहुंचे 991 मरीजों में 415 बुखार से पीड़ित थे। वहीं, हड्डी रोग से पीड़ित 115 मरीजों को बिना इलाज के लौटना पड़ा।
उन्हें बताया गया कि आर्थो, नेत्र व ईएनटी सर्जन दिव्यांग बोर्ड में चले गए। इसके साथ ही एक चेस्ट फिजीशियन अवकाश पर होने से मरीजों को काफी मुश्किल से इलाज मिला।
लोहिया अस्पताल की ओपीडी में सोमवार को 991 मरीज पहुंचे। पंजीकरण से लेकर पर्चा काउंटर की लाइनों में धक्का-मुक्की होती रही। सीजन के सबसे अधिक 415 लोग बुखार से पीड़ित होकर पहुंचे। इस दौरान सबसे अधिक दिक्कत हड्डी के रोगियों को हुई, उन्हें इलाज नहीं मिला।
आर्थो सर्जन डॉ. रिषिकांत वर्मा, नेत्र सर्जन डॉ. मेघा सक्सेना, ईएनटी सर्जन नवनीत कुमार दिव्यांग बोर्ड में चले जाने से दिक्कत हुई। आर्थो के 115 मरीज पहुंचे थे। टीबी एवं चेस्ट फिजीशियन डॉ. ध्रुवराज सिंह के अवकाश पर होने की वजह से मरीज बिना इलाज ही लौटने को मजबूर हो गए।
274 मरीजों ने दिए नमूने, फर्श पर बैठे बीमार
अस्पताल पहुंचे मरीजों को बुखार कौन सा है, यह जानने के लिए डॉक्टरों ने 274 मरीजों को खून की जांच कराने के लिए लिखा। इस दौरान ब्लड कलेक्शन सेंटर की खिड़की पर खासी भीड़ रही। घंटों लाइन में लगने से परेशान बुखार पीड़ित महिलाएं फर्श पर बैठने को मजबूर हो गईं। मरीजों का एक-एक घंटे बाद नंबर आ सका।
सोमवार के अलावा अन्य दिन आएं हड्डी के मरीज
शासन के निर्देश पर प्रत्येक सोमवार को आर्थो, ईएनटी और नेत्र सर्जन की दिव्यांग बोर्ड में ड्यूटी लगती है। उसमें हर हाल में जाना होता है। ईएनटी सर्जन दोपहर साढ़े 12 बजे तक अस्पताल की ओपीडी में सेवाएं देने के बाद दिव्यांग बोर्ड जाते हैं। ह्ड्डी के मरीजों को चाहिए कि सोमवार के अलावा अन्य दिन आएं। इसकी सूचना डॉक्टर के कक्ष पर लगा दी जाती है।-डॉ. जगमोहन शर्मा, सीएमएस, लोहिया पुरुष अस्पताल।
फोटो- 11 लोहिया अस्पताल के पर्चा काउंटर पर लगी मरीजों की लाइनें। संवाद
फोटो- 11 लोहिया अस्पताल के पर्चा काउंटर पर लगी मरीजों की लाइनें। संवाद