‘नफरतों को यूं तमाम करें, सद्भाव के यूं फूल खिलाएं’ कमालगंज की रामलीला में भरतमिलाप ने समरसता व एकता का ऐसा ही संदेश दिया। अधर्म पर धर्म की विजय पताका फहराने के बाद एक ओर से रघुकुल नंदन प्रभु श्रीराम, अनुज लक्ष्मण और जानकी के साथ अयोध्या लौट रहे थे तो दूसरी ओर से मिलन के लिए व्याकुल भरत-शत्रुघ्न जमीन पर गिरते-उठते जा रहे थे।
रास्ते में कमाल बाबा की मजार पर उर्स के मंच के बीच से निकले भरत-शत्रुघ्न पर पुष्प वर्षा की गई, उर्स के मंच पर ही भगवान के जयकारे लगाए गए। चौराहा स्थित भरत मिलाप मंच पर चौदह वर्ष के वनवास से लौटे प्रभु राम ने भाई भरत को गले लगाया तो उनकी आंखें छलक पड़ीं। सियावर रामचंद्र व चारों भइयन की जय का घोष चारों ओर गूंज उठा।
कमालगंज में शुक्रवार रात का सबको बेसब्री से इंतजार था। चौदह वर्ष के वनवास के बाद श्रीराम जो लौटकर आ रहे थे। कानपुर-फतेहगढ़ मुख्य मार्ग स्थित चौराहे पर एक ओर से लंका विजय कर हनुमान व अंगद के साथ श्रीराम, लक्ष्मण, मां जानकी का आगमन हो रहा था तो दूसरी ओर से सड़क पर घुटनों के बल चलते-गिरते भरत-शत्रुघ्न आगे बढ़ रहे थे।
जयकारों के बीच फूल बरस रहे थे। रात श्रीराम व लक्ष्मण मंच पर पहुंचे। चारों भाई एक-दूसरे को गले लगाने के लिए दौड़ पड़े। वनवासी वस्त्र उतारकर राजसी वस्त्र पहनाए गए।अध्यक्ष व पदाधिकारियों ने भगवान की आरती की। रमेश विश्नोई, केशव गुप्ता, मेवाराम गुप्ता, अजय माहेश्वरी, पंकज अग्रवाल, मंगली शुक्ला भी मौजूद रहे। नगर पंचायत अध्यक्ष प्रीति माहेश्वरी व तरुण माहेश्वरी, दिनेश चंद्र अग्रवाल ,पप्पू हलवाई, मनोज महाजन के यहां भी स्वरूपों का पूजन किया गया।
भरत मिलाप में आरती, मजार पर कव्वाली-
भरत मिलाप मंच से चंद कदम की दूरी पर थाने के बाहर स्थित कमाल बाबा की मजार पर जहां कव्वाली हो रही थी वहीं सामने चौराहे पर आरती और भजनों की सरिता बहती रही। थाना परिसर में पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल मिश्रा, एडीएम विवेक श्रीवास्तव, एएसपी त्रिभुवन नारायण सिंह ,एसडीएम अनिल कुमार, सीओ राजवीर सिंह गौर, प्रभारी निरीक्षक उदयवीर सिंह ने ब्रह्मदेव का पूजन किया।
कमाल बाबा की मजार के मुतबल्ली इस्लाम अहमद, सफाद हुसैन, उर्स कमेटी के कंचन औदीच्य, प्रदीप गुप्ता आदि ने अधिकारियों के साथ ही रामलीला अध्यक्ष रवि दुबे, सतीश दुबे, मदन माहेश्वरी, कल्लू माहेश्वरी, अनिल गुप्ता आदि को पगड़ी पहनाकर पगड़ी रस्म अदा की।
संचालन निराला राही ने किया। अधिकारियों व रामलीला पदाधिकारियों ने मजार पर चादरपोशी की। मजार पर कव्वाली तो भरत मिलाप के मंच पर आरती और भजन गूंजते रहे। अधिकारियों ने भगवान के दरबार में पहुंचकर आरती की।