फर्रुखाबाद। अरुण सिंह हुड्डा की हत्या के बावजूद उनके ससुराल के लोग यहां नहीं पहुंचे। हरियाणा से आए परिवार के लोग भी इस बारे में कुछ बताने को तैयार नहीं थे। लोगों में चर्चा रही कि अरुण ने करीब पांच वर्ष पूर्व अमरोहा जिले की युवती से प्रेम विवाह किया था।
अरुण की हत्या की सूचना पर हरियाणा से 10 लग्जरी कारों से 40 से अधिक लोग सोमवार सुबह तक पहुंच गए थे। परिवार और गांव के कई लोगों से जब अरुण की पत्नी राखी के मायके वालों के बारे में जानकारी की गई, तो कुछ भी खुलकर बताने को तैयार नहीं हुए। लोगों में चर्चा रही कि उसने अमरोहा जिले की राखी से करीब पांच वर्ष पहले प्रेम विवाह किया था। जिस मां-पिता की बेटी की मांग का सिंदूर उजड़ जाए और कोई भी न आए तो यह अपने आप में कई तरह के सवाल खड़े करता है। राखी जिस कार में बीच वाली सीट पर बैठी थी, उस कार के चालक सीट पर एक अन्य युवक भी अधिकांश समय बैठा रहा। इस दौरान राखी सिर पर दुपट्टा डाले रही। इससे साफ है कि वह कार ससुराल पक्ष की रही होगी। पुलिस भी इस बिंदु पर गंभीरता से जांच करने में जुटी है।
कंपनी में गनमैन के साथ प्रॉपर्टी का करता था काम
लोहिया अस्पताल में पहुंचे परिवार वालों के अनुसार अरुण सिंह गांव से दो-तीन किमी दूर रियल एस्टेट के दफ्तर में गनमैन के रूप में नौकरी करता था। वह बड़े लोगों तक अपनी वाकपटुता से जल्द ही नजदीकी बना लेता था। छोटी नौकरी के साथ वह प्रॉपर्टी खरीद-बिक्री का काम भी करता था। पिता सुरेंद्र सिंह के अनुसार कुछ महीने पहले ही एक बड़ा सौदा गांव के कुछ लोगों ने किया था। उसी को अरुण ने अधिक पैसे में कर लिया था, इससे कुछ विवाद भी हुआ था। हालांकि उनसे राम-राम कभी बंद नहीं हुआ। वह अंदर से खुन्नस मानते थे। बेटा अरुण बड़े काम करके पीछे मुड़कर नहीं देखता था।
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लोहिया अस्पताल में कराया गया एक्सरे
पोस्टमार्टम कराने से पहले पुलिस ने लोहिया अस्पताल में शव का एक्सरे कराया। रिपोर्ट में सिर के अंदर बुलेट नहीं दिखाई दी।