अभिलेखों का सत्यापन कराए जाने की मांग को लेकर बीएसए कार्यालय परिसर में
प्रदर्शन कर रहे शिक्षक बने शिक्षामित्रों का गुस्सा पुलिस को देख कर
सातवें आसमान पर पहुंच गया। भड़के शिक्षक नेताओं की बीएसए से जमकर नोकझोंक
हुई। बीएसए के अभिलेखों को शीघ्र सत्यापन के लिए भेजे जाने के आश्वासन पर
विवाद शांत हुआ।
सोमवार को प्रशिक्षण प्राप्त कर शिक्षक पदों पर
समायोजित हुए द्वितीय बैच के शिक्षामित्र शैक्षिक प्रमाण पत्र सत्यापन के
लिए न भेजे जाने के विरोध में बीएसए कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर रहे थे।
शिक्षामित्रों का आक्रोश देख बीएसए ने कोतवाली में सूचना दे दी। इस पर
दरोगा एएच जैदी पुलिस बल के साथ बीएसए कार्यालय पहुंच गए। ये शिक्षामित्रों
को प्रदर्शन करने से रोकने लगे।
इसको लेकर शिक्षामित्रों और पुलिस
कर्मियों में कहासुनी होने लगी। इसी बीच प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष
विजय बहादुर यादव आ गए। इन्होंने पुलिस बुलाने का विरोध किया। यह
शिक्षामित्रों के साथ बीएसए के पास गए और शिक्षकों के लिए पुलिस को बुलाने
पर नाराजगी जताई। इसको लेकर इनकी बीएसए योगराज सिंह से नोकझोंक होने लगी।
गरमागरमी अधिक होने पर
पुलिस कर्मियों ने शिक्षामित्र संघ और प्राथमिक
शिक्षक संघ के अध्यक्षों को छोड़कर अन्य शिक्षामित्रों को कार्यालय से
बाहर निकाल दिया। इसी बीच बीएसए कार्यालय में हंगामा होने की जानकारी डीएम
को मिल गई। डीएम सत्येंद्र कुमार सिंह ने बीएसए को फोन कर मामले की
जानकारी ली। बात बढ़ती देख बीएसए योगराज सिंह ने अभिलेखों को सत्यापन के
लिए शीघ्र
भेजने का आश्वासन दिया। इसके बाद विवाद शांत हुआ। शिक्षामित्रों
ने बीएसए को ज्ञापन दिया। इसमें कहा गया कि अगर अभिलेख सत्यापन को नहीं
भेजे गए तो वह अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन पर बैठ जाएंगे।
इस दौरान
शिक्षामित्र संघ के जिलाध्यक्ष ऋषी पाल सिंह यादव, उपाध्यक्ष अरुण कुमार
सिंह परमार, पुरुषोत्तम सिंह यादव, कन्हैयालाल, दलसिंह यादव, नीलेश कुमार,
रामकुमार, शिवरतन सिंह, विपुल कुमार, संतराम, संजू प्रजापति, संगीता देवी,
श्यामकांती समेत कई शिक्षामित्र मौजूद रहे।