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कबाड़ के गोदाम में आग से 15 लाख का नुकसान, विस्फोट से दहशत

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फर्रुखाबाद में मसेनी चौराहा के निकट कबाड़ की दुकान में लगी आग से उठी लपटों से जलते बिजली के तार। - फोटो : FARRUKHABAD
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फर्रुखाबाद। इटावा-बरेली राजमार्ग पर कबाड़ के गोदाम में लगी भीषण आग से करीब पांच लाख का सामान व कार जल गई। तीन मंजिला मकान क्षतिग्रस्त हो गया। इससे करीब 15 लाख रुपये का नुकसान होने का अनुमान है।
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जिले की तीन और कन्नौज, मैनपुरी से फायर ब्रिगेड की एक-एक गाड़ी मंगाकर आग पर काबूू पाया गया। इसमें करीब 12 घंटे लग गए। इससे पहले एक के बाद एक हुए दो विस्फोटों से लोग दहशत में आ गए।
शहर के मोहल्ला गढ़ी कोहना निवासी नितिन मिश्रा उर्फ बाबी का मसेनी चौराहे के पास कबाड़ का बड़ा कारोबार है। यहां रात में चौकीदार अमर सिंह रहता है। शुक्रवार रात करीब 11.30 बजे चौकीदार ने सड़क की तरफ कबाड़ में आग लगी देखी। उसने शोर मचाया। आसपास के लोग जब तक पहुंचे, तब तक आग विकराल हो चुकी थी।
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सूचना पाकर रात 12 बजे फायर ब्रिगेड पहुंची। फायर कर्मियों ने आग बुझाने का प्रयास किया, मगर रात दो बजे हुए विस्फोट से आग और विकराल हो गई। इससे फायर कर्मियों के हाथ-पांव फूल गए। एफएसओ रणधीर सिंह ने कन्नौज के छिबरामऊ और मैनपुरी के बेवर से भी फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मंगवा लीं। तीन स्थानीय समेत पांच गाड़ियां आग बुझाने में जुट गईं।
भोर में आग पर काबू पा लिया, लेकिन तभी एक गैस सिलिंडर फट गया। इसके साथ ही आग और भड़क गई। रुक-रुक कर दो विस्फोट हुए। आग की लपटें इतनी ऊंची थीं कि ऊपर से गुजरी बिजली की बंच कंडक्टर जल गई। लपटें देख आसपास के सैकड़ों लोग मौके पर पहुंच गए। शनिवार दोपहर लगभग 12 बजे आग पर काबू पाया जा सका। हालांकि इसके बाद भी आग धधकती रही।
गोदाम स्वामी बाबी मिश्रा ने बताया कि चौकीदार बीड़ी नहीं पीता। आशंका है कि रोड किनारे से निकल रही बिजली लाइन से चिंगारी गिरी होगी अथवा किसी ने बीड़ी आदि फेंक दी होगी। अग्निकांड में करीब पांच लाख रुपये का सामान, एक कार जल गई। तीन मंजिला भवन भी क्षतिग्रस्त हो गया है।
मोहल्ले वालों के सबमर्सिबल पंप भी रहे चालू
आग लगने के तुुरंत बाद मोहल्ले में लगे दो-तीन सबमर्सिबल पंप चला दिए गए थे। यह पंपिंग सेट शनिवार दोपहर बाद तीन बजे तक चलते रहे। लाइट जाने के बाद लोगों ने अपने जेनरेटर चलाकर सबमर्सिबल पंप चालू रखे। फिर भी शाम तक आग धधक रही थी।
मजदूरों का भोजन बनाने को रखे थे सिलिंडर
कबाड़ का बड़ा कारोबार होने के चलते यहां 12 से अधिक मजदूर रहते हैं। यहीं बनाते और खाते हैं। इसलिए तीन छोटे और एक बड़ा सिलिंडर रखा था। अचानक लॉकडाउन होने पर मजदूर तो चले गए, मगर सिलिंडर गोदाम में ही रखे रहे। उन्हीं में विस्फोट होता रहा और आग बढ़ती रही।
तीन किमी दूर तक दिखाई दीं लपटें
आग की लपटें इतनी ऊंची थीं कि शहर के बाहरी क्षेत्रों और छतों पर खड़े लोगों को तीन किमी दूर से दिखाई दीं। गनीमत रही कि गोदाम से सटा कोई मकान नहीं था, अन्यथा बड़ी घटना हो सकती थी।
गोदाम मालिक से लिखित लेने के बाद क्षति का आंकलन
एफएसओ रणधीर सिंह ने बताया कि उन्होंने लिखा पढ़ी कर ली है। घटना वाकई काफी बड़ी थी। गैर जिलों से गाड़ियां बुलानी पड़ीं। अब क्षति का आंकलन गोदाम स्वामी से लिखित मिलने के बाद ही हो पाएगा। नुकसान लाखों में हुआ है। गोदाम में प्लास्टिक, रबर आदि होने से आग पर काबू पाने में दिक्कत हुई।
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