राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के प्रांतीय आह्वान पर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग समेत एक दर्जन विभागों के कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से विभागों में काम काज ठप रहा।
लोहिया अस्पताल में तीन घंटे तक ओपीडी में कर्मचारियों ने तालाबंदी रखी। इस दौरान डाक्टरों ने चेंबर में बैठकर मरीजों को दवा लिखी। लेकिन कर्मचारियों के हड़ताल पर रहने के कारण उनको अस्पताल से दवा नहीं मिल सकी। तीन घंटे बाद ओपीडी की तालाबंदी खोल दी गई और काम काज शुरू हुआ। इसके अलावा अन्य किसी विभाग में काम नहीं हुआ।
सातवें वेतन आयोग के निर्णय के विरोध में प्रांतीय आह्वान पर राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं की हड़ताल शुरू कर दी। हड़ताल के पहले दिन कर्मचारी नेता पंकज शुक्ल के नेतृत्व में दो दर्जन से अधिक कर्मचारियों ने नलकूप विभाग, कृषि विभाग, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, सेवायोजन, राजस्व, गन्ना विभाग, विकास भवन, जिला पूर्ति कार्यालय, कोषागार, पीडब्लूडी समेत अन्य विभागों में घूम घूम कर हड़ताल का जायजा लिया।
जिन विभागों में कर्मचारी काम करते मिले। उनका काम बंद करा दिया। लोहिया अस्पताल की ओपीडी में सुबह 8 से 11 बजे तालाबंदी रखी। इस कारण मरीजों को दिक्कत उठानी पड़ी।
दोपहर करीब 12 बजे कोषागार पहुंच कर कर्मचारी नेताओं ने सभा की। इसमें राज्य कर्मचारी महासंघ के जिलाध्यक्ष ओमवीर सिंह ने हड़ताल को पूरा समर्थन देते हुए कहा कि तृतीय एवं चतुर्थश्रेणी कर्मचारियों को गुलाम बनाने की योजना केंद्र सरकार ने शुरू की है।
कर्मचारियों को वार्षिक वेतन वृद्धि एवं एसीपी का लाभ पाने के लिए अध्ािकारियों की गुलामी करनी होगी। राजस्व संगेह अमीन संघ के संगठन मंत्री शशिलेन्द्र कुमार ने कहा कि जो कर्मचारी संगठन का सहयोग नहीं करेंगे। संगठन उनका भविष्य में सहयोग नहीं करेगा। जिन मांगों को पहले स्वीकार किया गया है।
इस दौरान प्रमोद शुक्ल, वालिस्टर सिंह यादव, कौशलेन्द्र सिंह राठौर, राजीव कुमार सक्सेना, रामनंदन लाल, जितेन्द्र सिंह, पुष्पा यादव, अफजल हुसैन, अरूण द्विवेदी, संजीव कुिमार, राजेश कुमार दुबे, केसी सगर, रवि प्रकाश कटियार, प्रदीप कुमार, ओम प्रकाश कटियार, अनूप कुमार वर्मा समेत कई कर्मचारी मौजूद रहे। वहीं, अधीनस्थ कृषि सेवा संघ उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष मयंक कुमार द्विवेदी ने राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद की तीन दिवसीय हड़ताल का समर्थन किया है। अध्यक्ष ने इसको लेकर कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष को पत्र भेजा है।