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तीन फार्मासिस्टों के सहारे पुलिस लाइन का एल टू अस्पताल

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फर्रुखाबाद। पुुलिस लाइन में 20 बैड के एल टू अस्पताल केवल दो फार्मासिस्टों के सहारे चल रहा है, तीसरा फार्मासिस्ट बीमार है। यहां कोई डॉक्टर की तैनाती नहीं की गई है। डॉक्टर को मोबाइल पर हाल बताने के बाद वे दवा लिखकर मैसेज कर देते हैं। पुलिस विभाग की ओर से सीएमओे को डॉक्टर की तैनाती के लिए कई बार पत्राचार भी किया गया, लेकिन कुछ नहीं हुआ।
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सूबे के डीजीपी ने सभी पुलिस अधिकारियों को आदेश दिया था कि कोरोना महामारी से खाकी को सुरक्षित रखने के लिए पुलिस लाइन में एल टू अस्पताल तैयार किए जाएं। पुलिस लाइन के एल टू अस्पताल में पुलिस कर्मियों व उनके परिजनों का सही से उपचार हो सके। इसके लिए यहां के अस्पताल में मेडिकल कॉलेज से 20 बैड मंगवाकर डाल दिए गए हैं। बैड पर चादरें बिछा कर सफाई हो गई है। एसपी समेत अन्य अधिकारियों ने सीएमओ को पत्राचार कर पुलिस लाइन के एल टू अस्पताल में डॉक्टर की तैनाती की मांग की गई। अब तक किसी भी डॉक्टर की तैनाती नहीं की गई है। पुलिस लाइन के एल टू अस्पताल में फार्मासिस्ट वीरेंद्र वर्मा, महेेश, एस के मिश्रा की तैनाती है। पिछले एक सप्ताह से बुखार आने से वीरेंद्र वर्मा अवकाश पर चले गए। अब दो फार्मासिस्ट के सहारे की यह एल टू अस्पताल चल रहा है। अस्पताल में एक भी मरीज नहीं है। पुलिस लाइन के रहे कर्मचारियों के परिजन सर्दी बुखार व खांसी की दवा लेने के लिए फार्मासिस्टों के पास जाते हैं। फार्मासिस्ट ही उनको दवा देकर प्राथमिक उपचार कर देते हैं।
पुलिस लाइन का एल टू अस्पताल केवल कागजों में खानापूरी के लिए ही बना है। यहां सफाईकर्मी व वार्ड ब्वॉय की तैनाती भी नहीं की गई है। कोई चतुर्थ श्रेणी का कर्मचारी भी नहीं लगाया गया है। ड्यूटी करने वाले फार्मासिस्ट ही सुबह अपना कक्ष व मेज साफ कर लेते हैं।
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शासन के आदेश पर पुलिस लाइन में एल टू अस्पताल तैयार किया गया है। अभी किसी डॉक्टर की तैनाती नहीं हुई है। अन्य संसाधन जैसे ऑक्सीजन सिलिंडर आदि जुटाने की व्यवस्था की जा रही है, ताकि आपात काल में 20 बैड के एल टू अस्पताल का इस्तेमाल किया जा सकेगा।
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- किश्वर अली, प्रतिसार निरीक्षक
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