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ब्लैक फंगस के लक्षण वाले मरीज को ले आए घर

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कमालगंज (फर्रुखाबाद)। क्षेत्र के गांव भटपुरा में ब्लैक फंगस के लक्षण वाले 61 वर्षीय दूरसंचार विभाग के सेवानिवृत्त कर्मचारी को परिजन सैफई मेडिकल कॉलेज, इटावा से घर ले आए हैं। दरअसल, मरीज को सीएचसी से सैफई रेफर किया गया था। सैफई में डॉक्टरों ने मरीज की हालत गंभीर बताकर लखनऊ पीजीआई ले जाने के लिए कहा था।
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गांव भटपुरा निवासी रामप्रकाश दूरसंचार विभाग के स्टोर कीपर पद से 2019 में सेवानिवृत्त हुए थे। उन्हें 27 अप्रैल को तेज बुखार आया तो गांव के एक डॉक्टर से इलाज कराया गया। हालत बिगड़ने पर फतेहगढ़ स्थित एक निजी अस्पताल और फिर आवास विकास तिराहा स्थित निजी अस्पताल से इलाज चला। हालत बिगड़ने पर परिजन रविवार सुबह 7:30 बजे सीएचसी लाए। उस समय एक आंख से पानी बह रहा था। आंख सूजी हुई थी। इमरजेंसी ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक ने ब्लैक फंगस की आशंका में सैफई मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया। सैफई में सुबह 10.30 बजे से दोपहर 3.30 बजे तक परिजन मरीज को भर्ती करने की गुहार लगाते रहे, लेकिन डॉक्टरों ने कहा कि हालत गंभीर है, यहां इलाज नहीं हो सकता। उन्होंने पीजीआई लखनऊ ले जाने के लिए कहा। परिजन मरीज को लखनऊ ले जाने की बजाय घर ले आए।
रामप्रकाश ने परिजनों से कहा कि लखनऊ पीजीआई में भी भर्ती नहीं किया जाएगा। सीएचसी से सैफई तक ब्लैक फंगस की जब जांच की ही व्यवस्था नहीं है तो इससे अच्छा है कि वापस गांव चलो।
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प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. सोमेश अग्निहोत्री ने बताया कि मरीज की एक आंख से पानी आ रहा था और सूजी हुई थी। डायबिटीज भी बढ़ी हुई थी। इससे उसे हायर सेंटर के लिए रेफर किया गया था। इधर, सीएमओ डॉ. वंदना सिंह ने बताया कि मरीज की पहले कोरोना जांच कराई जाएगी। उसे बेहतर इलाज मुहैया कराया जाएगा।
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