गांवों को नई सरकार मिल गई है। सचिवालयों का पुरसाहाल नहीं है। ज्यादातर गांवों में सचिवालयों की हालत खराब है। कहीं इन पर कब्जा है तो कहीं बिजली कनेक्शन ही नहीं हैं।
कई गांवों में सचिवालय, प्रधानों को हैंडओवर नहीं हैं। इससे प्रधानों के लिए यहां काम काज कर पाना मुनासिब नहीं है। इन्हें घरों से ही सरकार चलानी पड़ेगी। बुधवार को अमृतपुर इलाके में सचिवालयों की पड़ताल करती रिपोर्ट>
पिथनापुर - कक्षों में कर रहे लोग शौच ग्राम सभा पिथनापुर में तीन साल पहले सचिवालय बनवाया गया था। मौजूदा समय में सचिवालय परिसर में बड़ी-बड़ी झाड़ियां खड़ी हैं। गेट टूटा है। खिड़कियां नहीं लगी हैं।
इसके चलते अराजकतत्व सचिवालय के कमरों में बैठकर शराब पीते हैं। कक्षों में लोग शौच भी करते हैं। सचिवालय में न तो बिजली कनेक्शन है और न ही फिटिंग। हैंडपंप जरूर ठीक लगा है।
हुसैनपुर राजपुर- खिड़कियां तक नहीं लगाई गईं- ग्राम सभा हुसैनपुर राजपुर में सचिवालय की फर्श टूटी है। यहां न तो बिजली कनेक्शन है और न ही फिटिंग। हैंडपंप भी नहीं लगा है।
सचिवालय परिसर में जगह-जगह गंदगी फैली है। खिड़कियां नहीं लगी हैं। सचिवालय में लोग आकर गंदगी फैलाते हैं। दिन में अराजकतत्वों का जमावड़ा लगता है। ग्रामीणों का कहना है कि सचिवालय कभी खुलता ही नहीं है।
परतापुर कला - सचिवालय में पाथे जा रहे कंडे- ग्राम सभा परतापुर कला में वर्ष 2011 में सचिवालय का निर्माण कार्य कराया गया था। इसमें खिड़कियां नहीं लगाई गई थीं। सचिवालय की फर्श और बाउंड्रीवाल टूटी पड़ी है।
खिड़कियां लगी नहीं हैं। हैंडपंप लगा है। यहां न बिजली कनेक्शन है और न ही फिटिंग। पूर्व प्रधान पप्पू ने बताया कि कई बार शिकायत के बावजूद सचिवालय हैंडओवर नहीं किया गया।
लीलापुर- बरसात में छत से टपकता पानी- ग्राम सभा लीलापुर के सचिवालय की हालत काफी दयनीय है। बरसात में इस सचिवालय की छत से पानी टपकता है। करीब तीन साल पहले ही सचिवालय का निर्माण कार्य कराया गया था।
फर्श भी टूट चुकी है। खिड़कियां लगी नहीं हैं। हैंडपंप भी खराब पड़ा है। कनेक्शन और फिटिंग यहां भी नहीं है। अव्यवस्थाओं के चलते सचिवालय सफेद हाथी साबित हो रहा है।