फर्रुखाबाद। सभी ट्रेनों का संचालन न होने से इस बार होली पर रोडवेज की बसों में मारामारी हो सकती है। त्योहार को महज 12 दिन बचे हैं लेकिन रोडवेज ने अभी तक अतिरिक्त बसें चलाने का खाका तैयार नहीं किया है। एक चौथाई बसें खराब होने के कारण कार्यशाला में खड़ी हैं। इनमें कुछ बसें तो चलने की स्थिति में ही नहीं हैं। अगर रोडवेज ने समय रहते व्यवस्था नहीं की तो यात्रियों के लिए बड़ी मुसीबत हो जाएगी।
होली त्योहार के लिए दो सप्ताह से कम समय बचा है। दूसरे शहरों और प्रदेशों में रहने वाले लोग त्योहार मनाने के लिए घर लौटने लगे हैं। इससे बसों में भीड़ बढ़ने लगी है। अगले सप्ताह से भीड़ और बढ़ जाएगी। किंतु अभी तक त्योहार पर बसों के संचालन का कोई आदेश शासन से नहीं आया है। हालांकि एआरएम ने अपने स्तर पर तैयारी कर रखी है। दिल्ली रूट पर 60 बसें चलाने की तैयारी है लेकिन अन्य रूटों पर कटौती हो सकती है। चूंकि इस बार सभी ट्रेनें भी नहीं चल रही हैं। बसों में कई गुना भीड़ बढ़ने की संभावना है। अगर रोडवेज ने दिल्ली, आगरा और कानपुर रूट पर अतिरिक्त बसें नहीं चलाईं तो मारामारी हो जाएगी। पिछले वर्ष दिल्ली रूट पर रोडवेज ने 55 बसों का संचालन किया था। इनके फेरे भी बढ़ाए थे। तब पैसेंजर समेत सभी ट्रेनें चल रहीं थी, इसके बावजूद यात्रियों को बहुत परेशानी हुई थी।
81 बसें सड़क पर, 20 खराब
फर्रुखाबाद डिपो में छह अनुबंधित समेत 101 बसें हैं। इसमें दिल्ली रूट पर 32, आगरा रूट पर 22, कानपुर रूट पर 13, बदायूं, लखनऊ, हरदोई और एटा रूट पर दो-दो बसें संचालित होना बताया गया है। 10 बसें अन्य रूटों पर चलती हैं। फिलहाल 20 बसें मरम्मत के लिए फतेहगढ़ स्थित कार्यशाला में खड़ी हैं। इनमें कई बसों में मशीनरी दिक्कत के साथ टायर, सीटें और शीशे नहीं हैं।
सभी ट्रेनों में वेटिंग
वाणिज्य अधीक्षक सीपी पटेल ने बताया कि होली त्योहार के कारण रूट की लगभग सभी ट्रेनें फुल हो गईं हैं। इस वक्त किसी भी ट्रेन में कन्फर्म टिकट नहीं मिल पा रहा है। सभी ट्रेनों में वेटिंग में चल रही हैं।
लोकल रूटों पर बसें नहीं
कागजों में सरकार भले ग्रामीण बस सेवा संचालित है लेकिन जिले के कई ग्रामीण रूटों पर बसें संचालित नहीं हैं। सुखसेनपुर, गदनपुर तुर्रा, अर्जुनपुर-कड़हर, शमसाबाद (वाया चिलसरा) रूट के यात्रियों को परेशानी हो रही है।
वर्जन
त्योहार पर अतिरिक्त बसें चलाने का हालांकि शासन से कोई आदेश नहीं आया है लेकिन हमारी तैयारी पूरी है। दिल्ली रूट पर 60 तक बसें चलाई जाएंगी। जरूरत के अनुसार बसें व फेरे भी बढ़ाएंगे। कार्यशाला में खड़ी बसों की भी मरम्मत के प्रयास किए जा रहे हैं। जिस रूट पर भी सवारियां ज्यादा होंगी, वहां ज्यादा बसें चलाएंगे। -आरसी यादव, एआरएम, फर्रुखाबाद डिपो