लोहिया अस्पताल की ओपीडी में मरीजों को अंधेरे में देखते सीएमएस डा.अशोक कुमार। संवाद न्यूज एजेंसी
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फर्रुखाबाद। लोहिया अस्पताल प्रशासन के जिम्मेदारों को न तो मरीजों की दिक्कतें दिखती हैं और न ही अपने मुलाजिमों की। तभी तो 23 दिन बाद भी आज की मुख्य जरूरत बिजली की आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी है। 15 दिन तक केबल का इंतजाम नहीं हुआ और जब केबल आई, तो पैनल लगाने वाले नहीं मिले। चार दिन बाद इंजीनियर पहुंचे। अभी तक पैनल लगाने का काम ही किया जा रहा है। नतीजतन न तो एक्सरे हो रहे हैं और न ही अल्ट्रासाउंड। लैबें भी बंद पड़ी हैं। इसके साथ हर तरफ अंधेरा फैला हुआ है।
डा. राममनोहर लोहिया पुरुष अस्पताल की ओपीडी की बिजली केबल फुंकने से आठ दिसंबर को ठप हो गई थी। इसके बाद एक्सरे, अल्ट्रासाउंड, लैब और वार्डों में अंधेरा हो गया था। मंगलवार को सुबह से देर शाम तक तीसरा पैनल लगाने का काम चलता रहा। बावजूद इसके आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी। इसकी वजह से ओपीडी में अंधेरा पसरा रहा। सीएमएस डॉ. अशोक कुमार अपने कमरे में अंधेरे में ही मरीजों को देखकर दवाइयां लिखते रहे। इनके अलावा अन्य डाक्टर भी अंधेरे में ही दवाएं लिखने को मजबूर हुए। दुर्घटनाओं के मरीजों के न तो एक्सरे हो पा रहे हैं और न ही अल्ट्रासाउंड। दिन भर मरीजों को खासी परेशानी हो रही हैं।
‘केबल पड़ चुकी है। कानपुर के तकनीशियन पैनल लगा रहे हैं। पैनल फिट भी हो गया है। अब उसमें केबलों को फिट किया जा रहा है। कोशिश है कि देर रात तक आपूर्ति बहाल कर दी जाए। इसके बाद लाइट की कोई दिक्कत नहीं आएगी।’
डॉ. अशोक कुमार, सीएमएस, लोहिया अस्पताल।