अमृतपुर। राजेपुर खंड शिक्षा अधिकारी ने क्षेत्र में प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में बनाए गए आधा दर्जन क्वारंटीन सेंटरों का सोमवार को निरीक्षण किया। इस दौरान उन्हें पता चला कि 157 लोग सेंटरों से भाग गए हैं। वह इसकी रिपोर्ट सीडीओ को देंगे। क्वारंटीन सेंटर पर खाना न बनाने वाली रसोइया को हटाने के निर्देश बीईओ ने दिए हैं।
लॉकडाउन में दूसरे प्रांतों से आए लोगों को आइसोलेट कराने के लिए प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में क्वारंटीन सेंटर बनाए गए हैं। इसमें दूसरे प्रांतों व जनपदों से आए लोगों को रोका गया है। विकासखंड राजेपुर क्षेत्र में क्वारंटीन सेंटर मजाक बनकर रह गए हैं, कहीं अभी तक ग्राम प्रधान व सचिवों ने व्यवस्था नहीं कराई है। तो कहीं न के बराबर ही लोग क्वारंटीन सेंटरों पर हैं।
इसकी पोल खंड अधिकारी के निरीक्षण के दौरान खुल गई। सोमवार को खंड शिक्षा अधिकारी रमेश चंद जौहर ने क्वारंटीन सेंटर हुसैनपुर, परतापुर कला, चपरा, नगला हुसा, राजेपुर, तुषौर का निरीक्षण किया। इस दौरान हुसैनपुर में 24 में 7 लोग ही मौजूद मिले। चपरा में 26 में 14, नगला हुसा 95 में से 6 लोग मौजूद थे। राजेपुर में 28 में 22, तुषौर में 81 में से 58, परतापुर कला में 21 में से 11ही लोग मिले क्वारंटीन सेंटर पर थे।
इसमें तैनात रसोइया श्यामवती के द्वारा खाना नहीं बनाए जाने की शिकायत ग्राम प्रधान ने की तो खंड शिक्षा ने रसोइया को बुलाकर खाना न बनाने का कारण पूछा। रसोइया ने कहा कि कोरोना की बीमारी फ़ैली हुई है। कहीं हमें भी बीमारी न हो जाए। इसलिए खाना नहीं बनाया। इस पर ग्राम प्रधान से रसोइया को हटाने का प्रस्ताव मांगा है। खंड शिक्षा अधिकारी ने बताया कि आधा दर्जन सेंटरों का निरीक्षण किया हैं।
इसमें 157 लोग भाग गए थे। भाग गए लोगों के खिलाफ कार्रवाई के लिए मुख्य विकास अधिकारी डॉ.राजेंद्र पैंसिया को रिपोर्ट दी जाएगी। इधर बढ़पुर बीईओ संजय शुक्ला ने रामपुर ढपरपुर, सिरमौरा तराई, आवाजपुर, अर्रापहाड़पुर, नेकपुर खुर्द क्वारंटीन सेंटर का निरीक्षण किया। वहां कोई गड़बड़ी नहीं मिली।