फर्रुखाबाद। कलक्ट्रेट सभागार में सोमवार को जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य समिति की समीक्षा बैठक की। नवाबगंज सीएचसी में प्रसव की संख्या सबसे कम बताई गई। डीएम ने सीएमओ को बेड के लिए मांगपत्र भेजने व नर्सिंगहोम में प्रसव कराने वाली आशाओं के खिलाफ एफआईआर कराने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह को जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में जननी सुरक्षा योजना में वार्षिक लक्ष्य 24200 के सापेक्ष 16557 प्रसव होने की जानकारी दी गई। नवाबगंज में प्रसव कम हुए। एमओआईसी कायमगंज ने बताया कि बेड की संख्या कम होने से मरीज कम रुक रहे हैं। इस डीएम ने सीएमओ को डिमांड भेजने केेे निर्देश दिए। इसके साथ ही लोहिया अस्पताल की बिजली समस्या शीघ्र निस्तारित कराने को कहा। जिलाधिकारी ने कहा कि राजेपुर सीएचसी से रेफरल/ आशाओं द्वारा नर्सिंगहोम में प्रसव कराने की शिकायतें मिल रही हैं।
भविष्य में शिकायत मिलने पर विभागीय कार्रवाई के साथ आशा पर एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। परिवार कल्याण में एनएवी कराने के लिए आशाओं को लक्ष्य देने के निर्देश दिए। प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना में लाभार्थियों की पूरी पत्रावली तलब की। हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में बेहतर सुविधाएं कराने, प्रधानों को क्षय रोगियों को गोद देने के लिए बैठक कराने, अभियान चलाकर मदर एंड चाइल्ड रजिस्ट्रेशन बढ़ाने के निर्देश दिए।
जिले में 2035 बच्चे कुपोषित
जिला पोषण समिति की समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने डीपीओ को आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से घरेलू प्रसव सूचना प्राप्त करने के निर्देश दिए। संस्थागत प्रसव, एक घंटे के अंदर नवजात शिशुओं को स्तनपान कराने को गर्भवती महिलाओं को जागरूक करने को कहा। लाल श्रेणी के बच्चों के परिवार में जॉब कार्ड धारकों को काम दिलाने, आरसीएच पोर्टल पर अधिक से अधिक रजिस्ट्रेशन कराने, एनीमिया मुक्त 192 किशोरियों का नामांकन कराने को कहा गया। जिले में लाल श्रेणी के 2035 बच्चे बताए गए। डीएम ने लगातार मॉनीटरिंग कर बच्चों को कुपोषण मुक्त घोषित कराने के निर्देश दिए। डीपीओ ने बताया कि बाहर रहने वाली कार्यकर्ताओं को नोटिस जारी कर मानदेय रोका गया है, जबकि 22 कार्यकर्ताओं को बर्खास्त किया गया है। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डा. राजेंद्र पैंसिया, सीएमओ, जिला पूर्ति अधिकारी, डीपीआरओ, डीडीओ आदि मौजूद रहे।