सदर तहसील में प्रदर्शन करते बजरिया मोहल्ले के लोग। संवाद
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फर्रुखाबाद। बजरिया में शनिवार सुबह अतिक्रमण हटाया गया तो लोग पक्षपात का आरोप लगाकर तहसील शिकायत करने पहुंच गए। अफसरों ने जब इनकी एक न सुनी तो लोग भड़क गए और हंगामा करने लगे। जमकर नारेबाजी की। इस दौरान पुलिस से तीखी झड़प भी हुई। काफी प्रयास के बाद पौन घंटे बाद लोग शांत हुए और वापस चले गए।
सदर तहसील के संपूर्ण समाधान दिवस में शनिवार को डीएम संजय कुमार सिंह और एसपी अशोक कुमार मीणा शिकायतें सुनने पहुंचे। वार्ड-34 भगत सिंह नगर के सभासद अनिल यादव मोहल्ला बजरिया के 50 से अधिक लोगों के साथ तहसील पहुंचे। उन्होंने अतिक्रमण हटाने में भेदभाव का आरोप लगाया और तहसील भवन के बाहर नारेबाजी की।
इस पर तहसीलदार श्रद्धा पांडेय और शहर कोतवाल विनोद शुक्ला ने लोगों को समझाया। सभासद अनिल यादव, हिंदूवादी नेता विमलेश मिश्रा समेत तीन लोगों को सभागार में बुलाया गया। तीनों लोगों ने शिकायती पत्र देना चाहा, मगर एसपी ने कड़े तेवर दिखाकर उन्हें बैरंग लौटा दिया। कहा कि जो कहना है वह व्यापारी नेता अरुण प्रकाश तिवारी उर्फ ददुआ से कहें। उन्हीं के माध्यम से पत्र आएगा। इससे लोग गुस्सा गए।
उन्होंने सभागार के बाहर पुलिस व प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करनी शुरू कर दी। तहसीलदार ने समझाने का प्रयास किया, मगर वह नहीं माने। पुलिस से भी तीखी झड़प हो गई। बमुश्किल प्रदर्शनकारी वहां से रवाना हुए।
आरोप लगाया कि तिकोना चौकी से बजरिया में लगे ट्रांसफार्मर तक दुकानों व मकानों के बाहर से मात्र पटियां हटाई गईं, जबकि ट्रांसफार्मर के बाद सड़क से आठ-आठ मीटर की दूरी पर चिह्न लगाकर चूना डाल दिया गया। यह जनता के साथ पक्षपात पूर्ण कार्रवाई है। इस दौरान नरेंद्र सिंह राजपूत, अनीस, जीशान, राहुल शुक्ला, रजत आदि मौजूद रहे। समाधान दिवस में सभी जिलास्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।