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Farrukhabad News: मासूमों को गंगा में प्रवाह करते कांपे हाथ, मुखाग्नि देते रोई हर आंख

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फर्रुखाबाद। मैनपुरी सड़क हादसे में पांच लोगों की मौत के बाद शनिवार को पांचाल घाट पर अंतिम विदाई के दौरान पत्थर दिल भी दहल उठे। दो मासूमों को गंगा में प्रवाह करने वालों के हाथ कांप गए। ननद व भाभी समेत तीन की मुखाग्नि पर हर आंख रो पड़ी। एक साथ पांचों के अंतिम संस्कार में तीन जिलों से लोग पहुंचे।
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शुक्रवार को मैनपुरी में हुए सड़क हादसे में शहर के लोको रोड मसेनी निवासी प्रशांत भदौरिया की पत्नी सुजाता (45), उनकी बेटी आर्या (04), मैनपुरी जिले के किशनी थाने के गांव हरीपुर निवासी साले दीपक (36), उनकी पत्नी पूजा (34) व बेटी आशी (09) की मौत हो गई थी। मैनपुरी पोस्टमार्टम के बाद शवों को हरीपुर (हिंदूपुर) ले जाया गया। वहां से पांचों की शव यात्रा शनिवार दोपहर पांचाल घाट के लिए रवाना हुई। पांचाल घाट पर अंतिम विदाई में मैनपुरी, कन्नौज और फर्रुखाबाद के बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। आशी और आर्या को परिवार के कुछ लोग गंगा में प्रवाह करने के लिए नाव में चढ़े, मगर हिम्मत छूट गई। फिर अन्य लोगों को सवार किया गया। प्रवाह करते समय उनके भी हाथ कांप गए। प्रशांत ने पत्नी सुजाता और भाई राकेश ने मृतक दीपक और भाभी पूजा को मुखाग्नि दी।
प्रशांत के साढ़ू विकास भदौरिया ने बताया कि छह साल पहले ही सुजाता से शादी हुई थी। दोनों की एक बेटी थी। जिस कार से हादसा हुआ वह कुछ महीने पहले प्रशांत ने ली थी। मृतक दीपक के रिश्तेदार अंकुर प्रताप सिंह ने बताया कि हिंदूपुर निवासी दीपक की छिबरामऊ में आढ़त हैं। वह वहीं रहते हैं। उनके पिता राज्य सेतु निगम में हैं।
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