लगभग हफ्तेभर से मौसम की तल्खी से लोग बेहाल हैं। बर्फीली हवाओं व गलन के चलते लोगों को रोजमर्रा के काम निपटाने में भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कोहरे में गलन ने कोढ़ में खाज सरीखे हालात पैदा कर दिए हैं। तापमान पर गौर करें तो शुक्रवार सीजन का सबसे ठंडा दिन रहा। अधिकतम तापमान लुढ़ककर 17 और न्यूनतम 6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। दिन की शुरूआत भीषण कोहरे से हुई। पूरे दिन सूर्यदेव के दर्शन नहीं दिए। सर्द हवाओं से पूरे दिन गलन रही। जिसके चलते सामान्य जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ।
सुबह 6 बजे से ही कोहरे की चादर ने पूरे नगर को अपनी चपेट में ले लिया। इतना घना कोहरा था कि सड़क पर एक मीटर तक नहीं दिखाई पड़ रहा था। ऐसे में आसमान से टपकती ओस की बूंदें और कहर ढा रही थी। सुबह करीब 8.30 बजे कोहरा कुछ हलका हुआ। भीषण कोहरा के चलते हाईवे के अलावा शहर के मुख्यमार्गों पर दिन में ही धीमी गति से वाहन लाइट जलाकर चलते मिले। रोडवेज बस अड्डा फर्रुखाबाद और रेलवे स्टेशन फर्रुखाबाद में जल रहे अलाव के पास यात्री और राहगीर तापते नजर आए। सर्दी का आलम यह था कि रेलवे स्टेशन और रोडवेज बसअड्डे पर यात्रियों की संख्या काफी कम थी। अधिकतर ट्रेनें और बसें खाली ही चलीं। बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक गर्म कपड़ों में लिपटे रहे। सर्दी के चलते बाजारों में सन्नाटा रहा। दुकानदार हीटर और अलाव जलाकर तापते नजर आए।
सर्दी के चलते कोयले की डिमांड इतनी बढ़ गई कि दुकानदारों ने दाम भी बढ़ा दिए। दो दिन पहले 30 से 35 रुपये प्रति किलो बिकने वाला लकड़ी का कोयला शुक्रवार को 40 से 45 रुपये प्रति किलो बिका। कोतवाली के पास लकड़ी कोयला की दुकान लगाने वाले जाकिर का कहना है कि चार-पांच दिन से कोयला की डिमांड बढ़ी है।
भीषण सर्दी के चलते रूम हीटर और हीटर की मांग बढ़ गई है। बाजार में इलेक्ट्रानिक दुकानों पर कंपनी के साथ ही साथ लोकल रूम हीटर और हीटर मौजूद हैं। इसके साथ ही गीजर और इमरशन राड की भी बिक्री बढ़ी है। इलेक्ट्रानिक्स दुकान के मालिक सुनील कुमार का कहना है कि लोकल के इलेक्ट्रॉनिक्स आइटमों की डिमांड है। हीटर और रूम हीटर ज्यादा बिक रहे हैं।
फर्रुखाबाद। नगर पालिका प्रशासन की ओर से फर्रुखाबाद और फतेहगढ़ में बनाए गए अस्थायी रैन बसेरे राहगीरों को राहत दे रहे हैं। यहां लोगों की सुविधा के लिए सुबह और शाम कर्मचारियों की ड्यूटी भी लगाई गई है।
नगर पालिका प्रशासन ने फर्रु खाबाद के रोडवेज बसअड्डा, नगर पालिका कार्यालय के हाल में और नगर पालिका कार्यालय फतेहगढ़ के पास अस्थायी रैन बसेरे बना रखे हैं। इन रैन बसेरों में करीब एक सप्ताह से पड़ रही भीषण सर्दी में राहगीर आसरा पाने के लिए पहुंच रहे हैं। रैन बसेरों में सुबह और शाम को कर्मचारियों की ड्यूटी भी है। नगर पालिका कार्यालय फर्रुखाबाद पर बने रैन बसेरा में करीब 10 गद्दे, 20 कंबल और छह दरी व चादर और फतेहगढ़ में खुले रैन बसेरा में 10 गद्दा, 20 कंबल और दो चादर और चार दरी हैं। रोडवेज बसअड्डा फर्रुखाबाद पर बनाए गए रैन बसेरा में 10-10 रजाई-गद्दे, छह दरी, दो परदा और चार चादरें मौजूद हैं। शुक्रवार को ड्यूटी पर तैनात सुनील कुमार ने बताया कि करीब एक सप्ताह से रात में आठ-दस राहगीर रैन बसेरा में रुकते हैं। गुरुवार की रात आठ लोग रुके थे। दिन में राहगीर कम ही आते हैं। राहगीरों के रुकने के लिए नि:शुल्क व्यवस्था की गई है। बड़ेबाबू जितेंद्र मिश्र ने बताया कि गद्दे, रजाई और चादर किराये पर लिए गए हैं। 15 जनवरी तक रैन बसेरा खुले रहेंगे।
अभी तक नहीं खुला रैन बसेरा
शमसाबाद। सर्दी के मौसम में रात के समय असहाय और गरीब लोगों को ठहरने के लिए डीएम ने नगर पंचायतों के ईओ को क्षेत्र में रैन बसेरा खुलवाने के निर्देश दिए थे। लेकिन नगर पंचायत शमसाबाद क्षेत्र में रैन बसेरा नहीं खुलवाए गए। सीएचसी में भी रैन बसेरा नहीं है। इस कारण रात के समय अस्पताल आने वाले मरीजों को सर्दी में इधर उधर अलाव के सहारे रात काटनी पड़ रही है। ब्यूरो
फर्रुखाबाद। कोहरे ने रोडवेज की बसों में ब्रेक लगा दिया है। दिल्ली रूट पर चलने वाली रोडवेज की बसें 48 घंटे में सफर तय कर रही हैं। इसके चलते यात्रियों का बुरा हाल हो रहा है। रोडवेज विभाग की मानें तो दिल्ली रूट पर चलने वाली आठ-दस बसें रोजाना 48 घंटे में फर्रुखाबाद पहुंच रही हैं।
फर्रुखाबाद से दिल्ली की दूरी करीब 335 किमी. है। रोडवेज विभाग के बेड़े में करीब 107 बसें दिल्ली, कानपुर और आगरा समेत विभिन्न रूटों पर चलती हैं। इनमें एसी बस मिलाकर सर्वाधिक 51 बसें दिल्ली रूट पर चलती हैं। रोडवेज विभाग की मानें तो रोडवेज बस फर्रुखाबाद से दिल्ली का सफर अमूमन आठ से दस घंटे में तय कर लेती है लेकिन मौजूदा समय में भीषण कोहरा पड़ने से यह सफर रोडवेज बसें करीब 48 घंटे में पूरा कर पा रही हैं। कोहरा के चलते चालक बसों को बीच में ही रोक देते हैं और जब कोहरा कम हो जाता है, तब बस को लेकर रवाना होते हैं। यह सिलसिला करीब एक सप्ताह से चल रहा है। इसी तरह कानपुर, आगरा और बरेली रूट पर चलने वाली बसें भी तीन से चार घंटे देरी से चल रही हैं। एआरएम अंकुर विकास ने बताया कि कोहरा इतना जबरदस्त पड़ रहा है कि चालक को बस चलाने में काफी दिक्कत आती है। उन्होंने चालकों को सख्त निर्देश दे रखे हैं कि कोहरा में यात्रियों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जाए। इसी के चलते चालक बीच में ही बस रोक देते हैं। उन्होंने बताया कि प्रत्येक बस में फॉग लाइट मौजूद है। उन्होंने बताया कि ट्रेनों के लेट होने के चलते सर्दी में रोडवेज बसों में यात्रियों की संख्या में इजाफा हुआ है।
फर्रुखाबाद (ब्यूरो)। रोडवेज बस अड्डा फर्रुखाबाद का निर्माण कार्य तेज गति से शुरू हो गया है। मिट्टी न मिलने की समस्या दूर होने से कार्य में तेजी आई है। जून माह तक बसअड्डा बनकर तैयार हो जाएगा। एआरएम अंकुर विकास ने बताया कि मिट्टी न मिलने के चलते काम धीमा चल रहा था। अब मिट्टी की समस्या समाप्त हो गई है।
फर्रुखाबाद (ब्यूरो)। मेला रामनगरिया में शुक्रवार को शौच के दौरान गड्ढे में भरे पानी में गिरकर कल्पवासी व एक अन्य सर्दी लगने से बीमार हो गया। तीनों को लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मेला रामनगारिया में कल्पवास करने के लिए आए 70 वर्षीय वृद्ध शुक्रवार की सुबह शौच करने के लिए गया था। इस दौरान वह पानी भरे गड्ढे में गिर पड़ा। जिससे उसे ठंड लग गई। आनन फानन में वृद्ध को एंबुलेंस से लोहिया अस्पताल लाया गया। यहां पर मौजूद डॉक्टर अजय कुमार और फार्मासिस्ट मुकेश दीक्षित और सचिन दुबे ने उसका इलाज कर भर्ती किया। वहीं गुरुवार की रात सर्दी लग जाने से कल्पवासी अरविंद की हालत खराब होने पर उसे लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया। उधर, कोतवाली फतेहगढ़ के विकास भवन के पास शुक्रवार की सुबह अज्ञात अधेड़ सड़क किनारे पड़ा हुआ था। इसकी जानकारी होने पर सिपाही अंकित कुमार ने उसे रहगीरों की मदद से लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया।
शमसाबाद। सर्दी बढ़ने पर नगर पंचायत को अलावा जलवाने की याद आई। शुक्रवार को नगर पंचायत की ओर से अलेपुर रोड, पंजाब नेशनल बैंक, थाना चौराहा, मेन चौराहा, गंगा रोड, रोडवेज बस अड्डा समेत 9 स्थानों पर लकड़ी डलवा कर अलाव जलवाया गया है। ब्यूरो