मेला क्षेत्र में बुनियादी संसाधनों की कमी यहां आने वाले भक्तों व साधु-संतों के लिए परेशानी का सबब बनी हैं। डीएम के सख्त निर्देशों के बाद भी जमीनी हकीकत कुछ और ही है। मेला स्थल पर चौतरफा फैली गंदगी, पेयजल की उपलब्धता व शौचालयों का पर्याप्त इंतजाम न होने से लोगों में प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश है। गुस्साए साधु-संतों ने समस्याओं का जल्द समाधान न होने पर जिलाधिकारी कैंप में अनशन की चेतावनी दी है।
बुधवार को जूना अखाड़े में नागा साधुओं ने बैठक की। बैठक कर अखाड़े की ओर लाइट, नल व शौचालय का निर्माण न होने पर नाराजगी जताई। खाकी बाबा ने कहा कि प्रशासन की उदासीनता के चलते साधु-संतों को काफी कठिनाई हो रही है। पीने के पानी के लिए दूर तक जाना पड़ता है। सावनपुरी ने कहा कि कुछ क्षेत्र में ठेकेदार ने हैंडपंप तो लगा दिया है लेकिन उसके हत्थे अभी तक नहीं आए हैं। ऐसी
अवस्था में हैंडपंप ठूंठ बने लगे हैं। अखाड़े के मेला सचिव सत्यगिरि ने कहा कि कई बार कहने के बावजूद अभी तक अखाड़े की ओर न तो बिजली आई और न ही अखाड़े में शौचालयों का निर्माण किया गया है। इससे अखाड़े में रहने वाले करीब 250 साधु-संतों व 2500 कल्पवासियों को कठिनाई हो रही है। उन्होंने कहा कि गुरुवार तक यदि समस्याओं का निराकरण न किया गया तो मेले में बने जिलाधिकारी के शिविर में धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया जाएगा। इस दौरान राममिलनदास, लालगिरि, मौजीदास, फक्कड़पुरी, हनुमानगिरि, सुरेशगिरि आदि मौजूद रहे।
मेला रामनगरिया में कल्पवास कर रहे श्रद्धालुओं को सर्दी से निजात दिलाने के लिए मेला प्रशासन अलाव की व्यवस्था कर रहा है। मेले में करीब 20 स्थानों पर अलाव जलवाए जा रहे हैं। मेला व्यवस्थापक संदीप दीक्षित ने बताया कि मेले में अलाव जलाने के लिए अन्य स्थानों का चयन भी किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अलाव जलने के बाद उसकी निगरानी करनी पड़ती है। अलाव से निकली चिंगारी मेले को तबाह कर सकती है। इसलिए ज्यादा स्थानों पर अभी अलाव नहीं जलवाए गए हैं।
शौचालयों की कमी से कल्पवासियों को उठानी पड़ रही समस्या
मेला स्थल पर शौचालयों की कमी भक्तों के लिए बड़ी समस्या है। अखाड़े के नागा संत नेमगिरि कहते हैं कि केंद्र व राज्य सरकार जहां एक ओर गंगा स्वच्छता के लिए करोड़ों रुपया आवंटित कर रही है। वहीं मेला प्रशासन की ओर से अभी तक शौचालयों का निर्माण ही नहीं कराया गया है। इससे कल्पवासियों और साधु-संतों को काफी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।
संत सुरेशगिरि कहते हैं कि अखाड़े में महिला सन्यासी भी हैं दिन में लघुशंका लगने पर उनको भी खुले में शौच के लिए जाना पड़ता है। इससे ज्यादा शर्म की बात नहीं हो सकती। संत सेवापुरी कहते हैं कि प्रशासन की उदासीनता के चलते सरकार की इस कार्यवाही को बट्टा लग रहा है। उन्होंने जिला प्रशासन से जल्द शौचालय बनवाने की मांग की। जूना अखाड़े के मेला सचिव महंत सत्यगिरि बताते हैं कि मेला शुरू होने से पहले से प्रशासन को शौचालयों का निर्माण करा देना चाहिए। यहां तो मेला का उद्घाटन हुए तीन दिन बीत गए हैं लेकिन अभी तक शौचालयों निर्माण कराया जा रहा है। यह मेला प्रशासन की उदासीनता का नतीजा है।
मेला व्यवस्थापक संदीप दीक्षित ने बताया कि मेले के पूर्व, मध्य व पश्चिमी ओर 450 शौचालय बनाए जा चुके हैं। इसके अतिरिक्त संतों के आश्रमों में भी शौचालयों का निर्माण कराया जा रहा है। अधिकांश कल्पवासी व साधु-संत सामूहिक शौचालयों का प्रयोग करने से कतरा रहे हैं। इस कारण बाहर गंदगी फैली हुई है। उन्होंने बताया कि तेजी से आश्रमों में भी शौचालयों का निर्माण कराया जा रहा है। दो दिनों में मेला क्षेत्र में शौचालयों का निर्माण पूरा करा लिया जाएगा।
केंद्र व राज्य सरकार की ओर से चलाई जा रही स्वच्छता की मुहिम को मेले में करारा झटका लगा है। शौचालय न बनने से कल्पवासियों के साथ ही साधु संत खुले में शौच करने को मजबूर हैं।
बुधवार को मेले के सीढ़ी नंबर 7 तरफ खाली पड़े मैदान में लोग लघुशंका करते दिखे। वहीं जूना अखाड़ा क्षेत्र के पास कर्मचारी शौचालयों का निर्माण कर रहे थे। साधु संतों से पूछने पर उन्होंने बताया कि शौचालय न बने होने के कारण उन्हें मजबूरी में खुले में शौच को जाना पड़ रहा है। मेला प्रशासन ने अभी तक शौचालयों का निर्माण भी नहीं करा पाया है। अमर उजाला ने स्वच्छता की मुहिम पर साधु संतों से बातचीत की।
मेला रामनगरिया में कल्पवासियों के साथ आए बच्चे समय काटने के लिए गंगा घाटों पर क्रिकेट का लुत्फ उठा रहे हैं। ऐसा ही कुछ नजारा सीढ़ी नंबर 2 व 3 के बीच के घाटों पर देखने को मिला। गंगा जल से भीगी रेत पर लकड़ी गड़ाकर पटली से बच्चों ने जमकर बल्लेबाजी की। रेत में गिरकर क्षेत्ररक्षण कर रहे बच्चे अपने आप को किसी स्टार क्रिकेटर से कम नहीं आंक रहे थे।
फर्रुखाबाद। मेला श्री रामनगरिया में कल्पवास करने आए साधु-संतों व श्रद्धालुओं ने मेला व्यवस्थापक से मेले में चारों ओर फैली गंदगी की शिकायत की है। सफाई कर्मचारियों की उदासीनता के चलते मेला क्षेत्र में चारों ओर कूड़े के ढेर लगे हुए हैं।
बुधवार को मेले में सड़कों के दोनों ओर कूड़े के ढेर लगे दिखाई दिए। सड़क किनारे रखे कूड़ेदान खाली पडे़ रहे। मेले में जिला हरदोई से कल्पवास करने आए रामदास, श्यामसुंदर, कल्लू, मुन्ना, सत्यनारायण आदि ने बताया कि मेले में सफाई के लिए कोई भी कर्मचारी नहीं आ रहा है। इससे चारों ओर गंदगी फैली हुई है। मेला व्यवस्थापक संदीप दीक्षित ने बताया कि सफाई व्यवस्था के लिए डीपीआरओ को नोडल अधिकारी बनाया गया है। मेले में सफाई कार्य के लिए ठेका आवंटित किया गया है। ठेकेदार अपने कर्मचारियों के साथ सफाई करवा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मेले में गंदगी फैली होने की शिकायत मिली है। वह स्वयं मेले का भ्रमण कर पड़ताल करेंगे। गंदगी मिलने पर मेला सचिव को अवगत कराया जाएगा।
फर्रुखाबाद। मेला श्री रामनगरिया में गंगा घाटों पर बनाए गए वाच टावर सूने पड़े हैं। वहीं यहां पर तैनात किए गए पुलिसकर्मी मेले में मौज मार रहे हैं। मेला प्रशासन ने गंगाघाटों पर स्नानार्थियों की सुरक्षा के लिए वाच टावर बनाकर पुलिसकर्मियों की तैनाती की है। बुधवार को गंगा किनारे बनाए गए सभी वाच टावर सूने पड़े रहे। यहां पर तैनात किए गए पुलिसकर्मी कोतवाली के आसपास मंडराते रहे या फिर पुल के ऊपर तफरी करते दिखे। मेला एसओ महेंद्रनाथ त्रिपाठी ने बताया कि पुलिसकर्मियों की तैनाती स्थल पर लगाई गई ड्यूटी को चेक किया जाएगा। जो कर्मी ड्यूटी स्थल पर न मिला उसके खिलाफ रपट लिखी जाएगी।