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बैंक, डाकघर और आयकर कर्मियों ने आवाज की बुलंद

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शहर की सेठ गली स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा के बाहर प्रदर्शन करते बैंक कर्मचारी। संवाद - फोटो : FARRUKHABAD
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फर्रुखाबाद। केंद्र सरकार की श्रम विरोधी नीतियों के विरोध में बैंक, डाकघर और आयकर कार्यालय में दूसरे दिन भी हड़ताल रही। कर्मियों ने एकजुट होकर नारेबाजी कर शीघ्र ही मांगें पूरी न होने पर गैरमियादी हड़ताल की चेतावनी दी।
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सेठ गली स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा में कई राष्ट्रीयकृत बैंकों के कर्मचारी एकत्रित हुए। यूपी बैंक इंप्लाइज यूनियन के मंत्री केदार शाह ने कहा कि केंद्र सरकार कर्मियों के साथ अन्याय कर रही है। राष्ट्रीय बैंकों का निजीकरण कर्मियों और जनता के साथ अन्याय होगा। यदि कर्मचारी विरोधी नीति वापस नहीं ली गई तो कर्मचारी सरकार की ईंट से ईंट बजा देंगे। संजीव कुमार, मयंक गुप्ता ने भी सरकार की कर्मचारी विरोधी नीतियों को जमकर कोसा।
नारेबाजी कर ऐलान किया की कि यदि मांगों को पूरा नहीं किया तो बेमियादी हड़ताल के लिए हम सब एकजुट हैं। हड़ताल में अजय तिवारी, हिमांशु, आनंद कुमार, सूबेदार बाथम, मेघनाथ, अनुरोध तिवारी आदि मौजूद रहे। दूसरे दिन हड़ताल से 35 करोड़ के चेक और 100 करोड़ का लेनदेन प्रभावित हुआ।
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ऑल इंडिया पोस्टल इंप्लाइज यूनियन और राष्ट्रीय डाक कर्मचारी संघ के आह्वान पर डाक कर्मचारी संयुक्त समिति ने मांगों के समर्थन में हड़ताल रखी। सभी कर्मचारी मुख्य डाकघर पर एकत्रित होकर नारेबाजी की। उन्होंने पुरानी पेंशन बहाल करने, निजीकरण पर रोक लगाने, महंगाई भत्ता और रोक हटाने और पांच समयावधि प्रोन्नत देने की मांग की।
इस मौके पर शिववीर सिंह, राजेश बाजपेई, आनंद भदौरिया, सत्य प्रकाश, प्रदीप, विनय कुमार, मनोज कुमार, शैलेंद्र यादव आदि मौजूद रहे। आयकर कर्मचारी संघ अध्यक्ष अजय कुमार कश्यप और सचिव कैलाश शंकर ने सभी कर्मियों के साथ बढ़पुर दफ्तर पर नारेबाजी कर केंद्र सरकार को कोसा। हड़ताल में संदीप कुमार, जितेंद्र कुमार सिन्हा, त्रिमोहन सिंह, अमर नाथ, देवेश कुमार शुक्ला आदि मौजूद थे।
एटीएम भी हो गए खाली
बैंकों में हड़ताल रहने से एटीएम भी खाली हो गए। ऐसे में निजी बैंकों और निजी संस्थाओं के एटीएम का सहारा रहा। जिन एटीएम में पैसे थे वहां कुछ ही देर में पैसे खत्म हो गए। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
रुपये न निकल पाने से मायूस हुई छात्रा
शहर के मोहल्ला कादरी गेट निवासी आंशी तिवारी अपनी मां सरिता तिवारी के साथ सेठ गली स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा में पहुंचीं। आंशी तिवारी शहर एक कॉलेज में कक्षा 12 की छात्रा है, उसकी 650 रुपये फीस बकाया थी। उसे कॉलेज से जमा करने के लिए कहा गया था, पर बैंक में हड़ताल होने से वह रुपये नहीं निकाल सकी। इससे वह मायूस हो गई। बताया कि उसके पास एटीएम नहीं है। उसके पिता की मृत्यु हो चुकी है। मां ने कहा कि वह अब उधर रुपये लेकर फीस जमा कराएगी।
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