फर्रुखाबाद। शहर में घूम रहे आवारा पशुओं को पकड़ने के दावों की पोल अमर उजाला की पड़ताल में खुलकर सामने आ गई। बुधवार को बेड़ारास पर एक भी आवारा जानवर बंद नहीं मिला। वहां तैनात कर्मचारी ने बताया कि एक साल से कोई भी आवारा पशु यहां नहीं लाया गया है। वहीं ईओ ने बताया कि छह माह से आवारा पशु पकड़ने का कोई अभियान नहीं चला है। इससे पालिकाध्यक्ष के एक सप्ताह पहले किए गए उस दावे की पोल खुल गई, जिसमें उन्होंने कहा था कि आवारा पशुओं को पकड़कर बेड़ारास में बंद कराया गया था।
यहां घूमते मिलेंगे आवारा पशु
पल्ला सब्जी मंडी, पलरिया, त्रिपोलिया चौक, रेलवे रोड, सातनपुर आलू मंडी, सिल्वर साइन गली, घुमना बाजार, साहबगंज चौराहा, लोहाई रोड और लालदरवाजा आदि जगहों पर आवारा जानवर घूमते मिलेंगे।
23 जून को आई थी एक जख्मी गाय
बीबीगंज में पालिका का बेड़ारास है। इसमें 10 जानवरों को रखे जाने की व्यवस्था है। बेड़ारास में तैनात शिवगोपाल ने बताया कि करीबन एक साल से बेड़ारास में कोई भी आवारा पशु पकड़कर नहीं आया है। 23 जून को पालिकाकर्मी शिब्बू महावीर कोल्ड स्टोरेज के पीछे जख्मी हालत में मिली एक गाय को लाए थे। बेड़ारास में ही उसका पशु चिकित्सक ने इलाज किया था। 28 जून को गाय की मौत होने पर उसे पांचाल घाट पर दफना दिया गया था। उन्होंने कहा कि बेड़ारास में जानवरों के लिए हर समय भूसा और दाना-पानी की व्यवस्था रहती है। सुबह 10 से सायं 6 बजे तक उसकी ड्यूटी बेड़ारास में रहती है।
छह माह से नहीं चला अभियान
ईओ रोली गुप्ता ने बताया कि शहर में आवारा जानवरों को पकड़वाने के लिए करीबन पांच-छह माह से कोई अभियान नहीं चलाया गया है। जब उनसे पूछा गया कि क्या एक पखवारे पहले आवारा जानवर पकड़वाए गए तो वह बात को टाल गईं। उन्होंने कहा कि वह नेकपुर चौरासी में नाला सफाई अभियान में लगी हैं। इस बारे में उन्हें कुछ नहीं पता।
बरसात बाद चलेगा नियमित अभियान
पालिकाध्यक्ष वत्सला अग्रवाल का मोबाइल न उठने पर उनके पति पूर्व एमएलसी मनोज अग्रवाल से आवारा जानवरों को पकड़वाए जाने के संबंध में बात की गई तो उन्होंने बताया कि आवारा पशुओं को पकड़ने का नियमित अभियान नहीं चलता है। समय-समय पर इसे चलवाया जाता है। जब उनसे पूछा कि पालिकाध्यक्ष ने एक पखवारे पहले आवारा जानवरों को पकड़कर बेड़ारास में डलवाने की बात कही थी लेकिन वहां एक भी जानवर नहीं है। इस पर उन्होंने कहा कि आवारा जानवरों को बेड़ारास में नहीं रखा जाता है। उन्हें पकड़कर छुड़वा दिया जाता है। उन्होंने बताया कि बरसात के बाद आवारा पशुओं को पकड़वाने का नियमित अभियान चलाया जाएगा। जल्द ही इसके लिए बड़ी काऊकेचर भी खरीदी जाएगी। उन्होंने कहा कि एक-दो दिन में पलरिया से आवारा पशुओं को पकड़वाया जाएगा।