पुलिस से गिरफ्तारी की मांग करते परिजन।
- फोटो : पुलिस से गिरफ्तारी की मांग करते परिजन।
फर्रुखाबाद। झोलाछाप के इलाज से महिला की मौत हो गई। परिजनों ने शव रखकर हंगामा काटा। जानकारी पर पुलिस ने झोलाछाप को हिरासत में ले लिया। कुछ ही देर में पुलिस जीप से झोलाछाप खिसक गया। इसको लेकर परिजनों की नोकझोंक हुई। पुलिस पर झोलाछाप को भगाने का आरोप लगाया।
जनपद कन्नौज थाना छिबरामऊ क्षेत्र के गांव कुंवरपुर बनवारी निवासी दीपक कुमार की पत्नी डोली (25) की तबीयत बिगड़ने पर वह 22 मई की शाम 6 बजे याकूतगंज लेकर पहुंचे। वहां झोलाछाप बलीपुर याकूतगंज निवासी अंजेश को दिखाया। वहां छोलाछाप ने दो इंजेेक्शन लगाए और दवा देकर वापस कर दिया। घर पहुंचते ही डोली की तबीयत बिगड़ी और उसकी कुछ ही देर में मौत हो गई। इस पर ससुर रूपराम, दीपक आदि परिजन शव लेकर याकूतगंज आए और झोलाछाप के गलत इलाज से मौत होने की बात कहकर हंगामा करने लगे। झोलाछाप को भी मौके से पकड़ लिया।
जानकारी पर थाना कमालगंज व फतेहगढ़ कोतवाली पुलिस पहुंची और झोलाछाप को हिरासत में लिया। परिजन सड़क किनारे शव रखकर हंगामा करने लगे। इसी बीच पुलिस जीप से झोलाछाप खिसक गया तो परिजनों ने पुलिस पर आरोप लगाया कि पुलिस ने ही उसे भगा दिया है। नोकझोंक व जद्दोजहद के बाद रात एक परिजन शव लेकर जाने को तैयार हुए। डोली की चार वर्ष पूर्व ही शादी हुई थी। फतेहगढ़ कोतवाली में दीपक ने घटना के संबंध में झोलाछाप अंजेश के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। कहा कि जानकारी करने पर पता चला कि अंजेश के पास कोई भी चिकित्सीय डिग्री नहीं है। लापरवाही से इंजेक्शन लगाने से पत्नी की मौत हुई है।
दूसरी ओर अंजेश ने बताया कि पहले उसके पिता बिना डिग्री के इलाज करते रहे। उसी फार्मूला से वह 10 वर्ष से बिना डिग्री के इलाज कर रहा है। स्वास्थ्य विभाग के किसी अधिकारी ने हस्तक्षेप नहीं किया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। सूत्रों के मुताबिक पोस्टमार्टम में मौत का कारण स्पष्ट न होने पर विसरा सुरक्षित किया गया है। एसीएमओ डॉ. रंजन गौतम ने बताया कि झोलाछाप के खिलाफ जांच कराकर रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।