पूर्व माध्यमिक विद्यालय नगला माखन में दबंग ग्रामीणों का कब्जा है।
प्रधानाध्यापक कक्ष में कंडे भरे हैं तो कक्षों में चारा के लिए चरनी बनाकर
जानवरों को बांधा जा रहा है। परिसर में दबंग ग्रामीण कृषि यंत्र खड़े किए
हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सालों से स्कूल नहीं खुला है।
पूर्व
माध्यमिक विद्यालय नगला माखन वर्ष 2007-2008 में बनाया गया था। स्कूल में
24 बच्चे पंजीकृत कर एक शिक्षिका की तैनाती की गई थी। कुछ दिनों बाद
शिक्षिका को पूर्व माध्यमिक विद्यालय बरुआ में अटैच कर दिया गया। तब से
स्कूल बंद है। इससे दबंग ग्रामीणों ने स्कूल में कब्जा कर रखा है।
प्रधानाध्यापक कक्ष में कंडे भरे हैं। कमरों में जानवर बांधे जा रहे हैं।
चारा
के लिए चरनी भी बनी है। विद्यालय परिसर में चारों ओर गंदगी है। कृषि
यंत्र भी स्कूल परिसर में खड़े हैं। सीताराम, लालाराम, रमेशचंद्र,
सतीशचंद्र, गेंदालाल, राजवीर और बहोरन आदि ग्रामीणों का कहना है कि कई बार
स्कूल से कब्जा हटाने की मांग अफसरों से कर चुके हैं। अभी तक सुनवाई नहीं
हुई। स्कूल न खुलने से उनके बच्चे कक्षा 5 से आगे नहीं पढ़ पा रहे हैं।
उन्होंने
शिक्षक की तैनाती कर स्कूल खुलवाए जाने की मांग की है। इस
संबंध में जिला बेसिक शिक्षाधिकारी योगराज सिंह ने बताया कि पूर्व माध्यमिक
विद्यालय नगला माखन में कब्जा होने की जानकारी नहीं है। अगर ऐसा है तो
कब्जा हटवाया जाएगा। उन्होंने किसी भी शिक्षिका का अटैचमेंट नहीं किया है।
शिक्षक तैनात कर स्कूल खुलवाया जाएगा।