फर्रुखाबाद। युवती के प्रेमी की हत्या करने के प्रयास में बुधवार को कोर्ट ने पिता सहित दो पुत्रों को दोषी करार दिया। सजा सुनाए जाने के लिए 21 नवंबर की तिथि नीयत की है।
कमालगंज थाना क्षेत्र के मोहल्ला शास्त्री नगर निवासी राम प्रकाश गुप्ता ने न्यायालय के आदेश पर पुत्र अनिल कुमार की प्रेमिका के पिता उसके दो भाइयों के खिलाफ पुत्र की हत्या करने के प्रयास में मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें कहा कि पड़ोस के हरगोविंद सिंह की बेटी मीनू उर्फ रेनू से पुत्र अनिल कुमार का प्रेम-प्रसंग चल रहा था। 8 जून 1998 को उसका पुत्र अनिल कुमार वैष्णो देवी के दर्शन कर लौटा था। वह दरवाजे पर खड़ा था। उसी समय मीनू उर्फ रेनू ने छत से पुत्र को आवाज़ लगाई।
आवाज सुनकर हरगोविंद उसके पुत्र योगेश व देवेश बाहर निकले। अनिल को घसीटते हुए मकान के अंदर खींच ले गए। सभी लोग लात-घूसों से बुरी तरह पीटने लगे। चीख सुनकर वह पुत्र शिव कुमार व विमल कुमार के साथ पहुंचा। उसी समय हरगोविंद ने तमंचे से पुत्र के गोली मार दी। पुत्र घायल होकर गिर गया। गोली की आवाज सुनकर मीनू बचाने आई। उस पर योगेश ने चाकू से कई वार किए। उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
घायल अनिल को सीएचसी कमालगंज ले जाया गया। घटना के मामले में पुलिस ने तहरीर देने के बाद मुकदमा दर्ज नहीं किया। न्यायालय के आदेश से हरगोविंद सिंह, उसके पुत्र योगेश, देवेश के खिलाफ हत्या करने के प्रयास में मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने मामले की जांच की। विवेचक ने विवेचना पूरी कर हरगोविंद सिंह उसके पुत्र योगेश, देवेश के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। एडीजे तीन शैलेंद्र सचान ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद गवाह व साक्ष्य के आधार पर हरगोविंद सिंह व उसके दोनों पुत्र योगेश, देवेश को दोषी करार देते हुए सजा के लिए 21 नवंबर की तिथि नीयत की है