भूगर्भ जल संरक्षण संग रोजगार भी मिल रहा
कमालगंज। ग्राम पंचायतों के संगठित होने के बाद शुरू हुए तालाबों के निर्माण व सुंदरीकरण के विशेष अभियान से भूगर्भ जल संरक्षण की दिशा में बड़ी उम्मीद जगी है। इससे भूगर्भ जल संरक्षण के साथ मनरेगा श्रमिकों को रोजगार की सौगात मिल रही है। कोशिश है कि बरसात से पूर्व सभी ग्राम पंचायतों में वर्षा जल संचयन के लिए तालाबों को तैयार कर दिया जाए। नालों में भी पानी रिचार्जिंग के लिए टैंक बनाने का काम हो रहा है।
विकास खंड में भूगर्भ जल के निरंतर गिरते स्तर को सुधारने के लिए ‘कैच द रेन-एट द जून’ अभियान महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। इस अभियान में इस समय चार हजार से अधिक मनरेगा श्रमिक लगे हैं। यह श्रमिक विभिन्न ग्राम पंचायतों में 52 तालाबों का जीर्णोद्धार व सुंदरीकरण कार्य कर रहे हैं। 54 नालों की खुदाई भी कराई जा रही। नालों में पानी के रिचार्ज के लिए कच्चे टैंक भी बनाए जा रहे हैं।
21 रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम भी लगाए जाएंगे। उस्मानगंज में 65 बीघा क्षेत्र के तालाब को कई खंडों में बांटकर भूगर्भ जल संरक्षण के लिए तैयार किया जा रहा है। जरारी में भी 50 बीघा से अधिक क्षेत्र वाले तालाब में काम तेजी से कराया गया है। खंड विकास अधिकारी राजेश बघेल का कहना है कि 25 जून तक लगातार तालाबों का जीर्णोद्धार अभियान चलाया जाएगा। इन तालाबों के बनने से जल संरक्षण होगा। इससे पर्यावरण में भी सुधार होगा।