गंगा स्नान करते श्रद्घालु। संवाद
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फर्रुखाबाद। गुरु पूर्णिमा पर घाटों पर भक्तों की भीड़ न लगे इसके लिए पुलिस की तैयारी काम आई लेकिन कई श्रद्धालु पुलिस की सख्ती के बावजूद पगडंडियों, गांवों की गलियों से निकलक र गंगा तट तक पहुंचे और डुबकी लगाई। हालांकि निर्देशानुसार मंदिरों के कपाट बंद रहने से भक्तों को मायूस लौटना पड़ा। वहीं भीड़ न होने से पुलिस ने राहत की सांस ली।
गुरुपूर्णिमा पर उमड़ने वाली भीड़ पर काबू पाने के लिए पुलिस-प्रशासन ने सुबह चार बजे से ही व्यवस्था मुकम्मल कर ली। कादरीगेट-पांचालघाट रोड, मसेनी-पांचाल घाट रोड और पांचालघाट से जैनापुर मोड़ पर बैरियर लगाए गए। यहां तैनात पुलिस बल ने वाहनों को पांचाल घाट की ओर नहीं जाने दिया। इसके बाद गंगा भक्त मोहल्लों के रास्ते पैदल और बाइकों से भैरोघाट की ओर पहुंचे।
बड़ी संख्या में लोगों ने नावों से गंगाघाट तक पहुंचकर स्नान किया। इसी तरह गंगा के उत्तरी घाट पर भी भक्तों की काफी भीड़ रही। भक्तों ने गंगा स्नान कर सूर्य देव को अर्घ्य प्रदान कर अपने गुरु के दर्शन करके आशीर्वाद लिया। दान देकर पुण्य अर्जित किया।
मंदिरों के ताले नहीं खोले गए। गुरुगांव देवी, बढ़पुर देवी, भोलेपुर हनुमान मंदिर आदि के गेटों पर पुलिस का पहरा रहा। मंदिर के पुजारी लोगों को हाथ जोड़कर घरों की ओर जाने का आग्रह कर रहे थे। भक्त मायूस ही घरों को लौट गए।
सुबह सात बजे पांचालघाट चौराहे पर पीएसी की तैनाती कर दी गई। इसके बाद सिर्फ जरूरी काम वाले लोगों को ही पुल से जाने दिया। तमाम लोगों को मायूस होकर बिना स्नान करे ही लौटना पड़ा।
पुलिस कर्मी वाहनों पर ज्यादा सख्ती कर रहे थे। पांचालघाट के आसपास तक पहुंचने के बाद महिलाओं ने परिजनों से बाइकें सड़क किनारे खड़ी करवा दीं और पैदल गंगा स्नान करने को घाट पर पहुंच गए।