अमर उजाला की ओर से रविवार को ‘चिकित्सा परामर्श’ कार्यक्रम आयोजित हुआ। इसमें डा. राममनोहर लोहिया महिला जिला अस्पताल के बाल एवं शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. शिवाशीष उपाध्याय ने एक घंटे तक फोन पर स्वास्थ्य संबंधी परामर्श देकर अमर उजाला के पाठकों की जिज्ञासाएं शांत कीं।
डाक्टर और मरीज के बीच बातचीत कराने में ‘अमर उजाला’ माध्यम बना है। तमाम लोगों ने कॉल पर ही अपनी समस्याओं का समाधान पाया। अमर उजाला हर सप्ताह एक चिकित्सक से पाठकों की वार्ता करवाकर परामर्श देने का काम करता रहेगा।
- कोरोना काल में बच्चों के लिए क्या-क्या सावधानियां बरतें। -गुल्लन अवस्थी (नाला सिम्तसुमाल) फर्रुखाबाद।
बच्चों को अधिक से अधिक समय तक घर में ही रखें। फ्रिज का पानी, आइसक्रीम एवं अन्य ठंडे खाद्य पदार्थों को न खाने दें। दूध गुनगुना करके हल्दी डालकर पिलाएं और स्वयं भी पिएं तो बहुत अच्छा है। बच्चों को बाहर भी घुमाने से बचें।
- 19 माह की बेटी है, दूध और अन्य खाद्य पदार्थ बेहद कम खाती है। - अवनीश (कायमंगंज)
- बच्चों में रस करिणकाएं बनती हैं। आप खिचड़ी, दलिया, केला मसलकर दें। बार-बार खिलाने में समय दें। एक बार पांच एमएल कीड़े की दवाई भी देकर देखें।
- नौ साल की बेटी पेट में दर्द होने की शिकायत करती रहती है। - योगिता चतुर्वेदी (कायमगंज)
कभी-कभी बच्चों के पेट में गांठें हो जाती हैं। आप कीड़े की दवाई भी दें। हमेशा हाथ धोकर ही खाना खिलाएं। फास्ट फूड खिलाने से परहेज करें।
- दुुकान है और सामाजिक कार्यकर्ता भी हूं ऐसे में किस तरह से अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाएं। - आनंद प्रकाश चतुर्वेदी (शमसाबाद)
यदि दुकान पर बैठते हैं, तो ग्राहक से दूरी बनाएं। कैशलेस लेनदेने करें, तो ज्यादा अच्छा अन्यथा लेन-देन वाले रुपये अलग रखें। विटामिन सी का प्रयोग करें। बादाम, खजूर का प्रयोग इन दिनों में रोगों से लड़ने की क्षमता प्रदान करेगा।
- कोरोना वायरस शरीर में अधिकतर कितने दिनों तक रहता है। - संजय गंगवार (भाकियू नेता)
कोरोना से हर किसी को डरना है। सैनिटाइजर कम और साबुन का बार-बार प्रयोग करें। 21 दिन तक वायरस रहता है। व्यक्ति की इम्युनिटी के आधार पर लोग कम और अधिक दिनों में वायरस से मुक्त होते हैं।
- चार साल की बेटी को हल्का फीवर, जुकाम है, क्या करूं? - पीयूष कटियार (कायमगंज)
डरने की जरूरत नहीं है। हरेक फीवर और जुकाम के मायने कोरोना नहीं होता। आप पीसीएम सीरप दें। गुनगुना दूध अथवा पानी पिलाएं। यदि दिक्कत बढ़े, तो तुरंत चिकित्सीय परामर्श लें।
- यदि हम एक मिनट तक सांस रोके रहें, तो मान लें कि कोरोना नहीं है? -नीलकमल गुप्ता, (नवाबगंज)
यह जरूरी नहीं कि अधिक देर तक सांस रोके रखने से आपके अंदर वायरस नहीं है। आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता अच्छी है, तो कोई लक्षण नहीं दिखेंगे। मगर आपका वही वायरस आपके परिवार के कम रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले परिजन को घातक साबित हो सकता है। लिहाजा आपको लगे कि किसी संदिग्ध के संपर्क में आए हैं, तो जांच कराएं।
- कोरोना सिर्फ हवा में ही फैलता है? बच्चों को कैसे बचाएं? -गुड्डू दुबे (शमसाबाद)
खांसते अथवा छींकते वक्त हमेशा रुमाल, गमछा अथवा किसी अन्य कपड़े का प्रयोग करें। यह संक्रमण हवा में भी फैलता है। खासकर बच्चों के सामने खांसी और छींक करने से बचें। मास्क लगाने से 80 फीसदी संक्रमण से बचाव हो जाएगा।
- संक्रमण को लेकर हर वक्त चिंता रहती है क्या करें?- विजयपाल (शमसाबाद)
बिना काम के कतई घर से न निकलें। मास्क का ज्यादा से ज्यादा प्रयोग करें। मौसमी फल, दालों का अधिक प्रयोग करें।
- बच्चों की कैसे करें देखरेख, खानपान के बारे में भी बताएं? -शिवकुमार (नगला नान, शमसाबाद)
- दो दिन से जुकाम है, कोई चिंता का बात तो नहीं। -मोनू मिश्रा, (शमसाबाद)।
गरम पानी का गरारा बेहद फायदेमंद होगा। परिजनों से दूरी बनाकर रखें। गला खराब होने के मायने कोरोना के लक्षण होना कतई नहीं है। गुनगुना पानी बेहद फायदेमंद साबित होगा।
अमर उजाला के कार्यक्रम में पाठक शमसाबाद के मनोज चतुर्वेदी, कायमगंज के गांव अहमदगंज निवासी अनुजने भी फोन कर परामर्श लिया।