अमृतपुर। पहाड़ों पर हो रही मूसलाधार बारिश से गंगा में पानी का बहाव भी तेज होने से कटान होने लगा है। शुक्रवार को दो मकान गंगा में समा गए। वहीं कुछ मकानों के कटान की चपेट में आने की आशंका है। लोगों ने उन्हें खुद ही तोड़ना शुरू कर दिया है।
शुक्रवार को नरौरा बांध से गंगा में 12,860 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इससे जलस्तर 134.60 मीटर पर पहुंच गया। पानी बढ़ने से गंगा किनारे बसे गांव सुंदरपुर, कछुआ गाड़ा, नगला दुर्गू, कुड़री सारंगपुर, नगरिया जवाहर, जोगराजपुर, लायकपुर, तीसराम की मड़ैया, ऊगरपुर, हरसिंहपुर कायस्थ के ग्रामीणों में खलबली मची है। हरसिंगपुर कायस्थ के पास गंगा कटान करने लगी।
गांव के राम किशोर व हरिराम के मकानों का आधा हिस्सा पिछले साल बाढ़ में कट गया था। बचे हुए दोनों आधे मकान शुक्रवार को गंगा में समा गए। अनोखेलाल, तेजराम, सुखराम, गवदेलाल, जगदीश चंद्र, रसाल के मकानों से गंगा की दूरी 30 फीट रह गई है। इसी गति से कटान हुआ, तो दो-चार दिन में इन मकानों को भी खतरा पैदा हो जाएगा। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता सुशील कुमार सिंह ने बताया कि फिलहाल गंगा में बाढ़ नहीं है। बरसात का पानी आने से कुछ जलस्तर बढ़ गया है। चेतावनी बिंदु 136.60 मीटर पर है।