कमालगंज। गांव जंजाली नगला में कटान से ग्रामीणों में दहशत फैली है। गंगा नदी गांव के बिल्कुल करीब से होकर बह रही है। गांव के 61 परिवारों को बचाने के लिए गंगा की धारा मोड़ने की तैयारी है। इसके लिए शनिवार को एडीएम, तहसीलदार, सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता व राजस्वकर्मियों ने गांव का सर्वे किया। गंगा की धार मोड़ने के लिए गंगा के उस पार स्थित टीले को धंसाने का ग्रामीणों ने सुझाव दिया।
तीन दिन पूर्व जंजाली नगला में हरीराम को झोपड़ी कटान में बह गई थी। गांव के 61 परिवारों के लोग भयभीत हैं। ऊपर की ओर बसे कल्लू नगला गांव में भी कटान का खतरा है। इसकी जानकारी पर शनिवार को एडीएम सुभाष चंद्र प्रजापति, तहसीलदार सदर श्रद्धा पांडेय, अधिशासी अभियंता सिंचाई विजय कुमार, खनन अधिकारी राजीव रंजन राजस्व कर्मियों के साथ जंजाली नगला गांव पहुंचे।
ग्रामीणों ने कहा कि धारा न मोड़ी गई तो उनका गांव गंगा की कटान में पूरी तरह बह जाएगा। धार मोड़ने का उपाय पूछे जाने पर गांव वालों के साथ ही प्रधान पप्पू यादव व सुधीर कुमार गुड्डू ने कहा कि गंगा के उस पार करीब 4-5 फीट ऊंचा व 600 मीटर लंबा बालू का एक टीला बना है। टीले की ठोकर से गंगा की धार मुड़कर गांव की ओर आ गई है।
यदि वह टीला जेसीबी आदि से खोदाई कराकर समतल कर दिया जाए तो गंगा की धार गांव की ओर मुड़े बिना सीधी आगे बढ़ जाएगी। इस पर टीला देखने के लिए गंगा पार करने के लिए कानूनगो बलवीर सिंह, लेखपाल अभय त्रिवेदी व महेश्वर सिंह ने नाव तलाशी। नाव न मिलने पर अधिकारी अपने वाहनों से पांचाल घाट से चाचूपर होते हुए प्रतिपालपुर की पास गंगापार पहुंचे। जहां तक अधिकारी पहुंच सके वहां से टीला दो किलोमीटर दूर था।
इसलिए वह वापस आ गए। अपर जिलाधिकारी ने बताया कि गंगा की मुख्य धारा शिफ्ट हो गई है। इससे जंजाली नगला गांव में कटान तेजी से हो रहा है। वह लोग यह देख रहे हैं कि सिंचाई विभाग व अन्य विभाग क्या कर सकते हैं, जिससे गांव को बचाया जा सके। दूसरी दिशा में धारा मोड़ने पर भी विचार किया जा रहा है।
पिछले साल कटान में तीन गांवों का अस्तित्व हो गया था समाप्त
पिछले वर्ष गंगा के कटान में कल्लू नगला, धारा नगला व कुशवाहा नगला का अस्तित्व समाप्त हो गया था। कल्लू नगला के 11 कटान पीड़ित परिवारों को प्रति परिवार 95 हजार रुपये शासन की ओर से सहायता के रूप में मिले थे। धारा नगला के 17 परिवारों को सहायता मिल चुकी है। जबकि कुशवाहा नगला के करीब 55 परिवारों को सहायता देने के लिए प्रक्रिया चल रही है।