फोटो-31, अमैयापुर मार्ग पर बाढ़ के पानी से निकलता बाइक सवार। संवाद
फर्रुखाबाद। गंगा और रामगंगा के जलस्तर में उतार-चढ़ाव के बावजूद बाढ़ का पानी कम नहीं हो रहा है। सोमवार को गंगा का जलस्तर 137.25 मीटर से बढ़कर 137.30 मीटर पर पहुंच गया, जो खतरे के निशान से 20 सेमी ऊपर है। वहीं, रामगंगा का जलस्तर 137.05 मीटर से घटकर 137.00 मीटर पर स्थिर है।
नरौरा बांध से 150878 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। वहीं, रामगंगा में खो बैराज से 4074, हरेली से 11,500 व रामनगर बैराज से 7481 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। गंगा-रामगंगा में उफान आने से कई गांवों में रहने वाले ग्रामीणों की जिंदगी नरक बन गई है। घरों में पानी घुसने से लोग सड़क और छतों पर शरण लेने को मजबूर हैं। कहीं सड़कों पर तीन से चार फुट पानी बह रहा है तो कहीं रास्ते कट जाने से यातायात पूरी तरह ठप हो गया है।
नाहरैया, निसवी, खरगपुर, सीढ़ेचकरपुर राई, हीरानगर, गैहलार, खाखिन, कोलासोता, गुलरिया, चिड़िया महोलिया व अमैयापुर सहित कई गांव पानी से घिर गए हैं। अमैयापुर की पुलिया पर तेज बहाव से ग्रामीणों का आना-जाना मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ हर साल आती है लेकिन समाधान के नाम पर जनप्रतिनिधियों के वादे खोखले ही साबित होते हैं।