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कटान तेज, मकान छोड़कर जाने लगे ग्रामीण

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फर्रुखाबाद/अमृतपुर। गंगा का जलस्तर रविवार को पांच सेंटीमीटर बढ़कर 136.70 मीटर पर पहुंच गया। वहीं रामगंगा का जलस्तर 135.25 से बढ़कर 135.50 मीटर पर पहुंच गया है। गंगा की तेज धार से हरसिंहपुर कायस्थ गांव में कटान तेज हो गई। ग्रामीण भयभीत हैं, वह मकानों को तोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर जाने लगे हैं।
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रविवार को नरौरा बांध से गंगा में 59 हजार 8 सौ क्यूसेक पानी छोड़ा गया। वहीं खो हरेली, रामनगर बैराज से रामगंगा में 3 हजार 390 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु(136.60 मीटर) से 10 सेंटीमीटर ज्यादा है। इससे तटवर्ती गांवों के रास्तों में पानी भरने लगा है। गंगा किनारे बसे गांव सुंदरपुर, कुड़री सारंगपुर, जोगराजपुर, तीसराम की मडैया, हरसिंहपुर कायस्थ में कटान तेज हो गया। हरसिंहपुर में 20 मकान कटान की चपेट में आने से गंगा में समा चुके हैं। सर्वेश, अखिलेश, सुरेंद्र कुमार, गवदूलाल, हवलदार, दयानंद, जगदीश, रामरहीश, राजेश समेत 18 ग्रामीणों ने कटान की जद में मकान आने से अपने मकान तोड़कर चले गए। गांव के प्राथमिक स्कूल के पास भी पानी तेज कटान कर रहा है। गांवों के रास्तों में पानी भरा होने से आवागमन में दिक्कत आ रही है। तहसीलदार संतोष कुमार कुशवाहा ने बताया कि अभी बाढ़ की स्थिति किसी गांव में नहीं है। बाढ़ से निपटने की सभी तैयारियां कर ली गई है। जहां नाव की आवश्यकता होगी, वहां नाव भिजवाई जाएगी।
कमालगंज। गंगा किनारे बसे कल्लू नगल व धारा नगला गांव के पास तक पानी पहुंच चुका है। यहां प्रधानमंत्री आवास के 5 लाभार्थियों सहित आठ ग्रामीण अपने मकान तोड़ने में लगे हैं। रविवार को तहसीलदार सदर, कानूनगो व लेखपाल ने दोनों गांवों का जायजा लिया। टूटे मकानों का नक्शा बनाया गया। ग्रामीणों को ग्राम सभा में दूसरी जमीन दिए जाने का आश्वासन दिया गया।
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ग्रामीणों की समस्याओं पर अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद तहसीलदार सदर राजू कुमार, कानूनगो, लेखपाल कल्लू नगला पहुंचे। यहां ग्रामीणों ने बताया कि पानी घटते ही कटान की चपेट में आने से मकान पानी में समा जाएंगे। इसलिए मकान तोड़कर ईंट, सरिया सुरक्षित कर रहे हैं। बहोरनपुर टप्पा हवेली ग्राम पंचायत के मजरा नीचे वाले कल्लू नगला के प्रधानमंत्री आवास के लाभार्थी के टूट रहे मकानों के नक्शे तहसीलदार ने बनाए। इनमें गंगा में आधी से ज्यादा बह चुकी सीसी सड़क के बाईं ओर नेत्रहीन रेणुका, राम विलास व महेंद्र के मकान शामिल हैं। वहीं दाईं ओर मुन्नी देवी व चंद्रशेखर के आवास फतेहपुर कायस्थान ग्राम पंचायत में लगते हैं। इन्हें उनकी ग्राम सभा में जमीन दी जाएगी।
कमालगंज। पिछले तीन साल से धारा नगला गांव के करीब 40 परिवार अपना मकान तोड़कर ऊपर के क्षेत्र में जमीन खरीदकर बस चुके हैं। वहीं कल्लू नगला में अब तक 35 मीटर सीसी सड़क का हिस्सा गंगा में बह चुका है। चार माह पहले भी पानी बढ़ने पर चार परिवारों की झोपड़ी व देवी मंदिर बह गए थे। नए बसे भोलानगला निवासी रामकुमार ने बताया कि पूर्वजों की कही बात देखें तो 300 साल में गंगा 5 किलोमीटर से भी ज्यादा पास आ चुकी हैं। 1971 की बाढ़ में पुराना भोलानगला व उमरायनगला गांव का अस्तित्व समाप्त हो गया था। दोनों गांव के लोग ऊपर की ओर नए भोलानगला, उमरायनगला, संतोषपुर, भोजपुर, चाचूपुर व हरदोई के हरपालपुर कें पास गांव में बस गए थे। (संवाद)
कल्लू नगला निवासी ग्रामीण रामविलास ने सड़क किनारे की बिजली लाइन के तार उतारने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि तार न उतारे गए तो कटान में पोल के गंगा में जाते ही तीसरे पोल पर रखे ट्रांसफार्मर में बंधे तार खिंचेगें। इससे हादसा हो सकता है।
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