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फर्रुखाबाद: गंगा चेतावनी बिंदु की ओर, गांवों में घुसा बाढ़ का पानी

Sun, 18 Aug 2019 08:11 PM IST
कानपुर ब्यूरो यूपी डेस्क, अमर उजाला, फर्रुखाबाद
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गांवों में घुसा बाढ़ का पानी - फोटो : अमर उजाला
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लगातार छोड़े जा रहे पानी से गंगा का जलस्तर 5 सेंटीमीटर और बढ़कर चेतावनी बिंदु की ओर पहुंच रहा है। इससे ब्लाक राजेपुर व शमसाबाद के आधा दर्जन गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। वहीं सड़क पर करीब तीन फीट पानी की धार बहने से आवागमन बंद हो गया है। इससे ग्रामीणों की परेशानी और बढ़ गई।
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गंगा का चेतावनी बिंदु 136.60 मीटर पर स्थित है। नरौरा बांध से लगातार गंगा में पानी छोड़े जाने से रविवार को 5 सेमी जलस्तर बढ़कर 136.50 मीटर पर पहुंच गया है जो चेतावनी बिंदु से मात्र 10 सेमी दूर है।

वहीं नरौरा बांध से एक लाख 12 हजार क्यूसेक पानी गंगा में छोड़ा गया है। अधिक मात्रा में पानी छोड़े जाने से जलस्तर और बढ़ने की आशंका है। बाढ़ का पानी अमृतपुर तहसील क्षेत्र के गांव ऊगरपुर, हरसिंहपुर कायस्थ में घुस जाने से ग्रामीणों की परेशानी बढ़ने लगी है। ग्राम प्रधान कनौजीलाल ने बताया कि उनके गांव जाने वाले मार्ग पर पानी भर जाने से आवागमन बाधित होने के साथ गांव में भी पानी पहुंच गया है।
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इसी तरह गंगा और बढ़ी तो घरों में पानी भर जाएगा। इससे समस्या और गंभीर हो जाएगी। तहसील प्रशासन की ओर से अभी तक कोई नहीं पहुंचा है। तटवर्ती गांव सुंदरपुर, तीसराम की मड़ैया, कुड़री सारंगपुर, करनपुर घाट, फुलहा, जटपुरा, मांझा, पट्टी भरखा, पट्टी जसूपुर, सवितापुर, नगला दुर्गू के पास तक बाढ़ का पानी पहुंच गया है। अब गांवों में पानी घुसने की नौबत है। वहीं गांव हरसिंहपुर कायस्थ जाने वाले रास्ते पर तीन से चार फीट पानी बह रहा है ।

शमसाबाद क्षेत्र के गांव कटरी तौफीक में बाढ़ का पानी अब गांव में घुसने के साथ घरों में भी पहुंच गया है। गांव के दाताराम, अमर सिंह व नंदकिशोर के घर में बाढ़ का पानी घुसने से यह परिवार परेशान हैं।
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वहीं कमथरी-सुल्तानगंज खरेटा मार्ग पर 200 मीटर दूरी में करीब तीन फीट ऊंचाई से पानी बह रहा है। इससे आवागमन ठप हो गया है। वहीं कटरी से ऊगरपुर मार्ग पर भी 100 मीटर की दूरी तक सड़क पर पानी बहने से आवागम बाधित है।

इसके अलावा गांव कमथरी, भगवानपुर का मजरा मड़ैया, परसादी की मड़ैया आदि गांवों में बाढ़ का पानी घुसने से ग्रामीणों की मुसीबतें बढ़ गई हैं। लोगों का कहना है कि गंगा में यदि इसी तरह जलस्तर बढ़ता रहा तो जनजीवन अस्त-व्यस्त हो जाएगा।
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