अमृतपुर। 20 सेमी जलस्तर बढ़ने से गंगा फिर चेतावनी बिंदु 136.60 मीटर के पार 136.70 मीटर पर पहुुंच गईं। इससे गांवों में फिर बाढ़ का पानी घुसने लगा है। इससे ग्रामीण खासे चिंतित हैं। रामगंगा का भी जलस्तर बढ़ने से लोगों को बाढ़ का खतरा सता रहा है।
दोनों नदियों का जलस्तर बढ़ने लगा है। इससे ग्रामीणों को बाढ़ आने का भय सताने लगा है। गांव की गलियों से बाढ़ का पानी निकल नहीं पाया था पुनः बढ़ने लगा है। गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु से 10 सेंटीमीटर ऊपर बहने लगा है।
पिछले तीन दिन से गंगा का जलस्तर फिर बढ़ रहा है। शनिवार को गंगा का जलस्तर 136.50 मीटर से 20 सेमी. बढ़कर 136.70 मीटर पर पहुंच गया है। जो चेतावनी बिंदु 136.60 मीटर से 10 सेमी. ऊपर है। नरौरा बांध से गंगा में एक लाख 22 हजार 848 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। जलस्तर बढ़ने से गांवों में बाढ़ का पानी भरने लगा है।
ग्रामीणों का कहना है कि पानी के उतार-चढाव से दिक्कतें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। गांव तीसराम की मड़ैया को जाने वाला मार्ग कई जगह से कटा था। इस बार बाढ़ आने से पुलिया के पास सड़क कट जाने से ग्रामीणों को निकलने में दिक्कत हो रही है। डीएम के आदेश के बावजूद बीडीओ ने कटी सड़क पर रात में प्रकाश की कोई व्यवस्था नहीं कराई। इससे लोगों को आवागमन में खतरा बना हुआ है।
गांव आशा की मड़ैया जाने वाले मार्ग पर कमर से ऊपर पानी बह रहा है। रामपुर, जोगराजपुर, अंबरपुर, बरुआ, अमीराबाद, बमियारी, चित्रकूट, खानपुर, गाजीपुर, रामप्रसाद नगला, माखन नगला, मंझा आदि गांव में बाढ़ का पानी भर गया है। इससे ग्रामीणों की समस्याएं बढ़ गई हैं। कई दिनों से पानी भरा होने से ग्रामीणों को पशुओं को जीवित रखने के लिए कोसों दूर तक चारा लेने जाना मजबूरी है।
वहीं, रामगंगा का भी जलस्तर 20 सेमी. बढ़ा है। 134.60 मीटर से बढ़कर 134.80 मीटर पर पहुंच गया है। रामगंगा में खो हरेली रामनगर बैराज से 29654 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। एसडीएम अतुल कुमार सिंह ने बताया कि बाढ़ग्रस्त सभी गांवों में राहत सामग्री वितरण की जा चुकी है। बाढ़ से निपटने की तैयारियां पूरी हैं।