फर्रुखाबाद। शहर के नालों का गंदा पानी गंगा में गिरना बंद नहीं हो रहा है। जिला प्रशासन के खानापूरी कर नालों पर लगाए बांधों को ग्रामीणों ने काट दिया है। इससे कल्पवासियों का गंगा के स्वच्छ जल में स्नान करने का सपना अधूरा सा लग रहा है।
शहर के गंदे नालों का पानी बडे़ नालों से होते हुए माधौपुर स्थित कटरी से होता हुआ गंगा में जाता है। मकर संक्रांति के स्नान से पहले प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों के साथ एडीएम ने बैठक का नालों को बंद करवाने के निर्देश सिटी मजिस्ट्रेट और तहसीलदार सदर को दिए थे। निर्देश का पालन करने पहुंचे सिटी मजिस्ट्रेट और तहसीलदार आरपी चौधरी ने नगरपालिका के कर्मचारियों और जसीबी लगाकर नाले पर कई स्थानों पर बंाध लगवा दिए थे। मकर संक्रांति से पहले ही नाले पर लगाए गए बांधों को काट दिया गया।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि शहर से नाले में बहुत अधिक मात्रा में पानी आने से खेतों में खड़ी फसल बर्बाद होने का खतरा बना हुआ है। नाले का पानी बंद करना है तो शहर से आने वाले नालों का पानी डायवर्ट करना होगा। खेतों में पानी भरने के खतरे के चलते नालों पर बंधे बंधों को काट देने से शहर का गंदा पानी सीधा गंगा में जा रहा है।
खास बात यह है कि बांध बांधने के बाद किसी अधिकारी और कर्मचारी ने इसकी सुध नहीं ली है। नाले के बांध कटने पर सदर तहसीलदार ने बताया कि नाले को बांधने का काम नगरपालिका के हवाले किया गया था। नगरपालिका के कर्मचारियों को इसकी निगरानी की जिम्मदारी भी दी गई थी। रविवार को मौके पर जाकर नाले पर दोबारा बांध बनवाया जाएगा। ग्रामीणों से बात कर दूसरी ओर नाला खोदने पर भी बात की जाएगी।