फर्रुखाबाद। रोडवेज बस स्टैंड पर आलीशान भवन बनने के बाद नाइट ड्यूटी करने वाले चालक-परिचालकों के रुकने को कागजों में रेस्ट रूम संचालित है। बीते दिन शासन ने सख्ती की, तो गुरुवार को आनन-फानन में पालिका की ओर से बनाए गए रैन बसेरा के रजाई-गद्दे उठाकर कैंटीन रूम में डाल दिए। उसमें दो नई चटाई बिछाकर, उसकी फोटों खींच ली गई और उसे ही रेस्ट रूम का रूप दे दिया गया।
उप्र राज्य परिवहन निगम के अधिकारी भी हर स्तर से खेल कर रहे हैं। बस स्टैंड पर अन्य डिपो की नाइट ड्यूटी करने वाले चालक-परिचालकों के रुकने की व्यवस्था निगम स्तर से की गई है। उसके लिए तख्त, रजाई-गद्दे, तकिया आदि की व्यवस्था भी होनी चाहिए। मगर स्थानीय रोडवेज बस स्टैंड पर इसकी व्यवस्था नहीं थी। इससे परेशान रात्रि विश्राम करने वाले चालक-परिचालक सर्दी में गाड़ियों के अंदर ही अपने संसाधनों से रात गुजारते हैं। निगम ने जब स्थानीय अफसरों का शिकंजा कसा, तो कवायद की गई।
निगम मुख्यालय ने रेस्ट रूम का फोटो अपलोड करने के निर्देश दिए। आनन-फानन में गुरुवार दोपहर में इसकी व्यवस्था की गई। चार तख्त उठवाए गए और रात में रुकने वाले गरीब यात्रियों के लिए नगर पालिका की ओर से खोले गए रैन बसेरा के गद्दे-रजाई, तकिया उठा लिए गए। कैंटीन के लिए आवंटित कमरे में बिछाकर उसकी फोटो और वीडियोग्राफी की गई। अब इन फोटोग्राफ्स को निगम के लिए भेजकर कागजी कार्रवाई पूरी कर ली जाएगी।
नगर पालिका के रैन बसेरा प्रभारी अमित सक्सेना ने बताया कि दोपहर में नियुक्त कर्मचारी से रोडवेज के शिवप्रकाश दुबे ने रिश्तेदारों का बहाना करके पुरुषों के रैनबसेरा से रजाई-गद्दे उठवा लिए थे। शाम को उन्हें जैसे ही पता चला, उन्होंने अपने उठवा लिए हैं। पालिका की यह व्यवस्था रात में रुकने वाले बाहरी यात्रियों के लिए है।
‘काफी दिनों से निगम की ओर से चालक-परिचालकों के लिए रेस्टरूम चल रहा है। रैन बसेरा के वस्त्र नहीं लिए गए हैं। यदि ऐसा है, तो वह दिखवाएंगेे।
- गौरीशंकर, रोडवेज स्टैंड इंचार्ज, फर्रुखाबाद।