गायत्री परिवार की ओर से गंगा निर्मल अभियान के तहत पदाधिकारियों को सफाई
करने के सूत्र बताए गए । लोगों को गंगा सफाई के लिए जागृत करने के लिए
जनजागरण अभियान चलाने की रणनीति बनाई गई। सिविल लाइंस फतेहगढ़ में शनिवार
को गायत्री विद्या विस्तार केंद्र पर जिले के पदाधिकारियों की बैठक हुई।
शांतिकुंज हरिद्वार से आए सदानंद अंबेडकर ने कहा कि
गंगा को निर्मल करने के
लिए आसपास के लोगों को जागरूक करना होगा। उन्होंने कहा कि पदाधिकारी टोली
बनाकर गंगा के किनारे बसे गांव व बस्तियों में जाकर लोगों को गंगा सफाई
करने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि गंगा सफाई का कार्य किसी एक
व्यक्ति के करने से नहीं होगा। डा. ओमपाल सिंहने कहा कि प्रत्येक पदाधिकारी
को अपने जिले में गंगा के प्रवेश
स्थान से समाप्ति के स्थान तक यह कार्य
करना होगा। उन्होंने कहा कि यह कार्य कोई एक या दो दिन में होने वाला नहीं
है। उन्होंने कहा कि गंगा को निर्मल बनाने में वर्षों का समय लग सकता है।
जयराम मोटवानी ने कहा कि गंगा को गंदा करने के स्रोतों को बंद करवाने के
लिए स्थानीय प्रशासन से मिलकर कार्य करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि
जनचेतना जगाने पर ही
गंगा को निर्मल किया जा सकता है। केंद्र के प्रबंध
ट्रस्टी राकेश बाबू शर्मा ने कहा कि गंगा निर्मल बने इसके लिए नदी में
कूड़ा करकट, मूर्तियां, गंदे फूल, मुर्दे व पशुओं को न डालने का संकल्प
लें। बैठक में गोविंद सिंह, नीलू पांडेय, महेंद्र सक्सेना, अशोक सक्सेना,
अंशुल श्रीवास्तव, एके पांडेय, जयवीर सहाय सक्सेना, अशोक दुबे आदि मौजूद
रहे।